New Delhi/Kolkata. नई दिल्ली/कोलकाता। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर मुस्लिम वोट हासिल करने के बावजूद समुदाय के लिए कोई ठोस काम न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में माइनॉरिटीज का विकास एक बड़ा मुद्दा है और TMC ने केवल वोट हासिल किए लेकिन उनके सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ओवैसी ने बुधवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक रणनीतियों ने भाजपा को राज्य में बढ़त बनाने में अप्रत्यक्ष रूप से मदद की है। उन्होंने कहा कि राज्य में मुस्लिम और कमजोर तबकों के लोग शोषण का शिकार हो रहे हैं और इसी वजह से AIMIM ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के साथ गठबंधन किया है।
असदुद्दीन ओवैसी ने बताया, “हमारा गठबंधन वोट बांटने के लिए नहीं है, बल्कि मुस्लिम समुदाय और अन्य कमजोर तबकों के लोगों को समान अवसर देने, उनकी राजनीतिक लीडरशिप को मजबूत करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए है। यह गठबंधन उनकी बराबरी और विकास के लिए है।” ओवैसी ने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन का मकसद केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि राज्य में कमजोर तबकों के लिए वास्तविक विकल्प प्रदान करना है। उन्होंने कहा, "हुमायूं कबीर के साथ हमारे अलायंस का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में कमजोर तबकों का शोषण रोकना और उन्हें मजबूत बनाना है। हमारे गठबंधन का फोकस समुदाय के विकास और उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर है।"
इस अवसर पर हुमायूं कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी AJUP मुर्शिदाबाद ज़िले में TMC द्वारा बाबरी स्टाइल मस्जिद प्रस्ताव के विवाद के बाद गठित की गई थी। कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी और AIMIM मिलकर विधानसभा चुनाव में 182 से 192 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव में जनादेश बंटा हुआ आता है, तो उनका गठबंधन सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। ओवैसी ने आगे कहा, "लोकतंत्र में लोग अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं। अगर हमारी पार्टी की मौजूदगी BJP के लिए अप्रत्यक्ष रूप से सहायक साबित होती है, तो यह लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हमारा लक्ष्य मुस्लिम समुदाय और कमजोर तबकों के लिए विकल्प और विकास सुनिश्चित करना है।"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुमायूं कबीर ने यह भी घोषणा की कि उम्मीदवारों की सूची 23 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच होने वाले चुनाव के लिए शाम 4 बजे घोषित की जाएगी। ओवैसी साहब भी अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे। गठबंधन के गठन से पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में नई हलचल आने की संभावना है। AIMIM और AJUP का यह कदम राज्य की राजनीति में मुस्लिम और कमजोर तबकों के लिए विकल्प प्रदान करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओवैसी और कबीर का कहना है कि यह गठबंधन केवल वोट हासिल करने के लिए नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण और उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए बनाया गया है।
गठबंधन से राज्य में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम वोट बैंक और कमजोर तबकों की हिस्सेदारी चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकती है। AIMIM और AJUP का यह गठबंधन TMC और BJP दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि यह समुदाय और विकास के मुद्दों पर आधारित है। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि गठबंधन का मकसद मुस्लिम समुदाय की पॉलिटिकल लीडरशिप को मजबूत करना और उन्हें वास्तविक विकल्प प्रदान करना है। उन्होंने कहा, "ईद पर नमाज़ पढ़ने से किसी को वास्तविक सशक्तिकरण नहीं मिलता। हमारी प्राथमिकता विकास, समान अवसर और समुदाय के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।" असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर के इस गठबंधन से यह संकेत मिल रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में चुनावी समर केवल TMC और BJP तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कमजोर तबकों और अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी भी निर्णायक हो सकती है।