शेख हसीना की सजा पर बांग्लादेशी मानवाधिकार संगठन के निदेशक ने उठाए सवाल, बोले
Delhi दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर आयोजित कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश ह्यूमन राइट्स WATC यूएसए के निदेशक एवं अधिवक्ता शाह एमडी बख्तियार ने उनकी सजा और कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि शेख हसीना के खिलाफ दिया गया फैसला बांग्लादेश के संविधान के अनुरूप नहीं है और यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
शाह एमडी बख्तियार ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि शेख हसीना की वापसी संविधान के कारण संभव नहीं है। उनके अनुसार, जिस फैसले के आधार पर उन्हें दोषी ठहराया गया, वह संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने सत्ता हासिल करने के लिए साजिश रची और संवैधानिक प्रक्रिया से हटकर शासन किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्ता परिवर्तन के बाद कानूनी और संवैधानिक व्यवस्थाओं का दुरुपयोग किया गया तथा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करते हुए शेख हसीना के खिलाफ मुकदमा चलाया गया और उन्हें दोषी ठहराया गया। बख्तियार के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब शेख हसीना अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद पहली बार नई दिल्ली से सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रख रही हैं। उनके संबोधन के दौरान बांग्लादेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, सत्ता परिवर्तन और न्यायिक कार्रवाई को लेकर कई वक्ताओं ने अपनी-अपनी राय रखी। हालांकि, बख्तियार के ये आरोप उनके व्यक्तिगत और संगठनात्मक दावे हैं। इन दावों पर बांग्लादेश की वर्तमान सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में विभिन्न पक्षों के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।