शिमला। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जनेडघाट में क्योंथल क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की वित्तीय बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सीएलएफ अध्यक्ष अनिता शर्मा ने की। बैठक में विभिन्न ग्राम संगठनों (वीओ) से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान वित्तीय प्रबंधन, आय-व्यय का लेखा-जोखा, लेन-देन में पारदर्शिता, सामाजिक अंकेक्षण और महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई। महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ग्राम संगठनों के संचालन में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया गया। बैठक में राज्य सामाजिक अंकेक्षण इकाई, हिमाचल प्रदेश के निदेशक रविंद्र शर्मा, जिला संसाधन व्यक्ति कपिल चौहान, लेखाकार शिवानी शोंगी और जोगिंदर ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने सामाजिक अंकेक्षण के उद्देश्यों, प्रक्रिया और विकास कार्यों की निगरानी में सामुदायिक भागीदारी के महत्व की जानकारी दी। साथ ही, महिलाओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। वीबी-जी राम जी योजना तथा कामगार विभाग से संबंधित जानकारियां भी साझा की गईं। एनआरओ कुटुंबश्री की मेंटर सावित्री ने पंचायती राज संस्थाओं और सामुदायिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आपसी तालमेल से ग्रामीण विकास कार्यों को प्रभावी बनाया जा सकता है। एनआरएलएम मिशन एग्जीक्यूटिव वैशाली और एरिया कोऑर्डिनेटर परवीन कुमारी ने ग्राम संगठनों की उप-समितियों के कार्यों, उत्पादक समूहों और आजीविका संवर्धन की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने वित्तीय रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने, आय-व्यय का सही हिसाब तैयार करने और सामूहिक प्रयासों से आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया।