Falta Election Results 2026: शुभेंदु अधिकारी को पहली सफलता, बीजेपी की प्रचंड जीत, भगवा आंधी में उड़ गई टीएमसी

बीजेपी कार्यकर्ता मनाने लगे जश्न.

Update: 2026-05-24 10:57 GMT
Falta Election Results 2026: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने जीत हासिल कर ली है. यह वो सीट है जहां पहले टीएमसी का कब्जा था. लेकिन इस बार चुनाव में इतनी गड़बड़ी हुई कि पूरा मतदान रद्द करना पड़ा और दोबारा वोटिंग करानी पड़ी. दोबारा हुई वोटिंग की मतगणना में बीजेपी ने करीब 1 लाख वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. यह नतीजा पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है.
नतीजों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि फिर से वोटों की चोरी की गई. साथ ही आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों के लोग BJP के एजेंट बनकर मतगणना केंद्र के अंदर गए.
फलता एक विधानसभा सीट है जो पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में आती है. यह इलाका टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंदर पड़ता है. यानी यह टीएमसी का गढ़ माना जाता था.
29 अप्रैल को इस सीट पर पहली बार वोटिंग हुई थी. लेकिन वोटिंग के दौरान बहुत बड़े आरोप लगे. कहा गया कि ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ हुई, बूथों पर कब्जा किया गया और वोटरों को डराया-धमकाया गया. मामला इतना बड़ा हो गया कि चुनाव आयोग को पूरे इलाके की वोटिंग रद्द करनी पड़ी.
सीएम का पोस्ट 
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'कुख्यात 'डायमंड हार्बर' मॉडल अब 'तृणमूल के लॉस-बार' (घाटे का बार) मॉडल में बदल चुका है! सबसे पहले, मैं फलता के देवतुल्य जनमानस के चरणों में शीश झुकाकर प्रणाम करता हूं, जिन्होंने भारी जनादेश के साथ भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार श्री देवांशु पांड्या को फलता विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में जिताकर विधानसभा भेजा है. मैं फलता के मतदाताओं का विशेष रूप से आभारी हूं. मैंने उनसे भाजपा उम्मीदवार को एक लाख वोटों के अंतर से जीत दिलाने की अपील की थी, और जीत का यह अंतर एक लाख आठ हजार को भी पार कर गया है. हम विकास के माध्यम से आपके इस कर्ज को चुकाएंगे. हम एक स्वर्णिम फलता के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.'
शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को लेकर एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को उनके देश वापस भेजने के लिए विशेष 'होल्डिंग सेंटर' बनाने के निर्देश जारी किए हैं.
शुभेंदु सरकार की ओर से इस संबंध में पश्चिम बंगाल के सभी जिलाधिकारियों को लिखित निर्देश और गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं. सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इन होल्डिंग सेंटरों को बनाने के लिए सही जगह की पहचान करने और आगे की कार्रवाई जल्द से जल्द शुरू करने को कहा है. प्रशासन का फोकस सीमावर्ती जिलों और उन इलाकों पर है, जहां अवैध प्रवासियों के छिपे होने की ज्यादा उम्मीद रहती है.
सरकार के बनाए जा रहे इन होल्डिंग सेंटरों का मकसद अवैध रूप से रह रहे लोगों पर कड़ी नजर रखना है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पकड़े गए अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को सीधे जेल में रखने के बजाय इन सेंटरों में ट्रांसफर किया जाएगा. जब तक इन पकड़े गए विदेशी नागरिकों की पहचान की पुष्टि करने और उन्हें कानूनी रूप से उनके मूल देश वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें इन्हीं होल्डिंग सेंटरों में रखा जाएगा.
बता दें कि बीजेपी ने इसी साल हुए बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राज्य से अवैध प्रवासियों को निकालने का वादा किया था. अमित शाह ने अपने एक संबोधन में साफ तौर पर कहा था कि जिस तरह बीजेपी ने असम में घुसपैठ को पूरी तरह से खत्म किया, उसी तरह पार्टी बंगाल में भी अवैध घुसपैठ पूरी तरह से खत्म कर देगी. अब राज्य में बीजेपी की सरकार कायम होने के बाद, पार्टी अपने उस वादे को पूरा करने में जुट गई है.
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