एमपी। अखिल भारतीय वन सेवा के निलंबित वरिष्ठ अधिकारी मोहनलाल मीणा ने अपनी बहाली के लिए सीएम हेल्प लाइन में गुहार लगाई है। सीएम हेल्पलाइन में पहुंची इस शिकायत की जांच अब भोपाल के एक रेंजर को सौंपी गई है। हालांकि आईएफएस अधिकारी के खिलाफ चल रही दो जांच में से एक जांच पूरी हो गई है और दूसरी अभी चल रही है। संभवत: यह पहला मौका है जब अखिल भारतीय सेवा का कोई अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में अपनी जांच को लेकर पहुंचा है।

बताया जाता है कि 1994 बैच के आईएफएस अधिकारी अपर मुख्य वन संरक्षक मोहनलाल मीणा को अगस्त में निलंबित किया गया था। उनके खिलाफ मुख्य वन संरक्षक बैतूल की पदस्थापना के दौरान दो अलग-अलग मामलों में जांच शुरू हुई थी। एक जांच सीसीएफ पदस्थापना के दौरान उनके द्वारा अधीनस्थ से अपने बेटे के खाते में राशि ट्रांसफर कर जमा कराने का था तो दूसरा मामला तीन अधीनस्थ महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण का था।

बेटे के खाते में राशि ट्रांसफर करने की जांच एपीसीसीएफ शुभरंजन सेन की अध्यक्षता की कमेटी ने की थी। इसमें मीणा को दोषी पाया गया था। इसके अलावा महिलाओं के यौन शोषण की जांच एपीसीसीएफ बिंदु शर्मा और अर्चना शुक्ला कर रही हैं। इसमें अभी जांच पूरी नहीं हुई है। उनका निलंबन पहले तीन महीने के लिए हुआ था लेकिन बाद में शासन ने 60 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। 

निलंबित आईएफएस अधिकारी मोहनलाल मीणा ने अपनी बहाली के लिए अब सीएम हेल्पलाइन में गुहार की है। 16 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन में मीणा ने शिकायत की है। इसमें उन्होंने विभागीय जांच अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि जांच में उनका पक्ष नहीं सुना गया है। इसके बिना एकतरफा कार्रवाई करते हुए 19 अगस्त को निलंबित कर दिया गया है। इसलिए निलंबन को समाप्त किया जाए। विभागाध्यक्ष कार्यालय पहुंचे इस शिकायत आवेदन को भोपाल के एक रेंजर को निराकरण के लिए सौंपा है।


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