पश्चिम बंगाल एसआईआर विवाद पर बुधवार को सुप्रीम सुनवाई, ममता बनर्जी की याचिका भी शामिल

Update: 2026-02-03 06:54 GMT
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई होगी। प्रदेश में चल रही एसआईआर प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से दाखिल याचिका पर भी शीर्ष अदालत सुनवाई करेगी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 28 जनवरी को चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को सवालों के घेरे में खड़ा किया गया है। सीएम ममता बनर्जी की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है। याचिका में इस प्रक्रिया को लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताया गया है और कहा गया है कि इसका सीधा असर निष्पक्ष चुनाव पर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसे बिना पर्याप्त परामर्श व स्पष्ट दिशा-निर्देशों के लागू किया जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इस तरह की प्रक्रिया से आम नागरिकों में भ्रम और भय का माहौल बन रहा है। अपनी याचिका में सीएम ममता ने चुनाव आयोग पर राजनीतिक पक्षपात और तानाशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जिस संवैधानिक संस्था से निष्पक्षता, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की अपेक्षा की जाती है, वही संस्था अब ऐसे स्तर पर पहुंच गई है, जो किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि चुनाव आयोग का यह रवैया संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक संतुलन के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ममता ने सुप्रीम कोर्ट से इस पूरे मामले में सीधी दखल देने और समुचित निर्देश जारी करने की मांग की है।
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