शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में पिछले कई महीनों से बना टायरों का संकट अब धीरे-धीरे खत्म होने लगा है। निगम प्रबंधन द्वारा नए टायरों की खरीद प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद प्रदेशभर के डिपो और केंद्रीय वर्कशॉप में टायरों की सप्लाई पहुंचनी शुरू हो गई है। इसके साथ ही लंबे समय से केवल टायरों की कमी के कारण वर्कशॉप में खड़ी बसों को दोबारा सडक़ों पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। इससे प्रदेश के हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। निगम की शिमला स्थित तारादेवी केंद्रीय वर्कशॉप में भी नए टायरों की खेप पहुंच चुकी है।
यहां तकनीकी कर्मचारी पुराने और घिस चुके टायरों को तेजी से बदल रहे हैं, जिन बसों का रखरखाव कार्य पूरा हो चुका था और जो केवल नए टायरों का इंतजार कर रही थीं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द नियमित रूटों पर भेजा जा सके। पिछले कई महीनों से एचआरटीसी गंभीर टायर संकट से जूझ रहा था। टायरों की कमी के कारण कई बसों को पुराने और घिसे हुए टायरों के साथ ही चलाना पड़ रहा था, जबकि दर्जनों बसें केवल नए टायर उपलब्ध नहीं होने के कारण डिपो और वर्कशॉप में खड़ी थीं। अब नई खेप पहुंचने के बाद निगम ने चरणबद्ध तरीके से सभी डिपो को टायर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।