नशा तस्करों को रौंद रहा सुक्खू का बुलडोजर

Update: 2026-05-21 09:31 GMT
Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश में अवैध नशा व्यापार को आर्थिक रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से पिछले साढ़े तीन वर्षों में लगभग 51 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। एसटीएफ ने 700 से अधिक मामलों की जांच की और 300 मामलों को वित्तीय जांच एवं संपत्ति फ्रीज करने के लिए चिन्हित किया। अब तक 76 अवैध संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा 17 मामलों में अवैध संपत्तियों को तोड़ा गया है। प्रदेश सरकार द्वारा चिट्टे की समस्या से अत्यधिक प्रभावित पंचायतों की पहचान के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया। इसके तहत अब तक लगभग 12,000 व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा प्रदेश की 234 अति संवेदनशील पंचायतों में विशेष पुलिस और सीआईडी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। इसके तहत शिमला में 19, सोलन में नौ, सिरमौर में 20, पुलिस जिला बद्दी में 26, बिलासपुर में 27, हमीरपुर में 14, कुल्लू में 28, मंडी में 24, कांगड़ा में 15, चंबा में 13, पुलिस जिला नूरपुर में 22, पुलिस जिला देहरा में सात तथा ऊना जिले में 10 पंचायतों की
पहचान की गई है।

इन पंचायतों में कड़ी निगरानी और नशा संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और सीआईडी कर्मियों की विशेष तैनाती की गई है। वर्ष 2023 से अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 6,811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछली सरकार के कार्यकाल की तुलना में 33.18 प्रतिशत अधिक हैं। इस अवधि में 10,357 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा चिट्टा सहित 45,867 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। अब तक 174 नशा तस्करों और माफियाओं को एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है। गौर हो कि वर्तमान में एनडीपीएस अधिनियम के तहत नशा तस्करों के खिलाफ निवारक कार्रवाई करने में हिमाचल प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2026 में अब तक पूरे देश में एनडीपीएस अधिनियम के तहत की गई कुल निवारक कार्रवाईयों में से एक-तिहाई (लगभग 33 प्रतिशत) कार्रवाई अकेले हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा की गई है। नशा संबंधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए 10 सरकारी कर्मचारियों और 21 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।
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