दिल्ली: दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के धरनास्थल के आसपास फिलहाल शांति बनी हुई है, लेकिन विश्वविद्यालय के गेट बंद किए जाने से परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। गेट नंबर चार और सात के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
जानकारी के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन ने गेट बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते लोगों को परिसर में प्रवेश नहीं मिल रहा है। इसी व्यवस्था को लेकर छात्रों में नाराजगी की बात सामने आई है। विरोध प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय में आने-जाने पर लगी रोक के कारण कई बार हंगामे जैसी स्थिति बनने की खबर है।
भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने पानी नहीं मिलने का लगाया आरोप
आंदोलन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया है कि भूख हड़ताल के दौरान उन्हें पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। छात्रों के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है। ऐसे में मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को एक बार फिर प्रस्ताव भेजा है। जानकारी के मुताबिक, छात्रों ने कुलपति को पत्र लिखकर अपनी मांगें और पक्ष सामने रखा है। अब इस मामले में प्रशासन के जवाब और दोनों पक्षों के बीच बातचीत से निकलने वाले समाधान पर नजर रहेगी।
लाइब्रेरी और कैंटीन समेत कई सुविधाएं बंद
विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन के बीच लाइब्रेरी, कैंटीन और अन्य सुविधाएं बंद किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे छात्रों की रोजमर्रा की शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। परिसर में प्रवेश को लेकर लागू पाबंदियों के कारण छात्रों और प्रशासन के बीच मतभेद भी सामने आ रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार से ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का फैसला किया है। हालांकि, आंदोलन कर रहे छात्रों ने इन कक्षाओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। छात्रों के इस रुख से पढ़ाई का संचालन प्रभावित होने की आशंका है।
छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर बातचीत और समाधान की प्रक्रिया जरूरी है। इसी बीच ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के फैसले के विरोध में उन्होंने बहिष्कार की घोषणा की है। छात्रों ने कुलपति को लिखे पत्र में अपनी आपत्तियां और मांगें रखने की बात कही है। इस घटनाक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ शैक्षणिक गतिविधियां जारी रखने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों की शिकायतों और मांगों पर संवाद करना भी जरूरी है।
आंदोलन से जुड़े छात्रों...
आंदोलन से जुड़े छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि छात्राओं को मौखिक रूप से हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इन निर्देशों की वजह, उनका आधिकारिक स्वरूप और प्रशासन का पक्ष स्पष्ट नहीं है। इसलिए इस दावे की पुष्टि विश्वविद्यालय के आधिकारिक बयान से किया जाना जरूरी है।
जामिया में जारी विवाद का समाधान बातचीत और स्पष्ट संवाद से निकल सकता है। फिलहाल पुलिस की तैनाती, गेट बंद रहने, सुविधाओं के प्रभावित होने और ऑनलाइन कक्षाओं के बहिष्कार के फैसले के बीच विश्वविद्यालय की स्थिति पर नजर बनी हुई है। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन छात्रों के प्रस्ताव पर क्या कदम उठाता है और शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य कब होती हैं।
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