Petroleum Act के तहत ईंधन भंडारण के सख्त नियम लागू

जानिए नियम

Update: 2026-03-26 15:06 GMT
Delhi दिल्ली: देश में पेट्रोल-डीजल को लेकर फैल रही अफवाहों और पैनिक बॉयिंग के बीच पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदने के नियम चर्चा में आ गए हैं। Petroleum Act 1934 के तहत पेट्रोल और डीजल के भंडारण और परिवहन को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं।
सामान्य तौर पर, वाहन में पेट्रोल-डीजल भरवाने पर कोई तय दैनिक सीमा नहीं है, लेकिन इसे वाहन की टैंक क्षमता तक ही सीमित माना जाता है। वहीं अगर कोई व्यक्ति 20, 50 या 200 लीटर जैसे बड़े स्तर पर ईंधन खरीदकर कैन, ड्रम या बोतल में रखना चाहता है, तो इसके लिए परमिट या लाइसेंस जरूरी होता है। बिना अनुमति बड़ी मात्रा में ईंधन स्टोर करना गैरकानूनी है और इससे आग जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी रहता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। भारत के पास लगभग 60 दिनों का पर्याप्त कच्चा तेल और ईंधन भंडार मौजूद है। इसके अलावा Strategic Petroleum Reserves को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है और विभिन्न देशों से कच्चे तेल का आयात जारी है।
हालांकि कुछ शहरों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग एहतियात के तौर पर अपने वाहनों की टंकी फुल करवा रहे हैं। ऐसे में सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें।
विशेषज्ञों का कहना है कि पैनिक बॉयिंग से सप्लाई चेन पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है। इसलिए केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदना चाहिए। घर में ईंधन स्टोर करना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक है।
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