लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी संगठनात्मक और सामाजिक रणनीति को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में ब्राह्मण समाज से जुड़े पार्टी नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक को आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण समाज से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और जमीनी स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करना है। साथ ही, पार्टी इस अवसर पर जनेश्वर मिश्र की जयंती को भी राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में चुनावी रोडमैप, बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। बैठक के बाद अखिलेश यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे, जिसमें वे पार्टी की आगे की रणनीति और संगठनात्मक दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दे सकते हैं। ।
समाजवादी पार्टी के विधायक जय प्रकाश ने इस बैठक को लेकर कहा कि पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद कर संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। उनके अनुसार, यह किसी एक समाज की बैठक नहीं है, बल्कि समाजवादी पार्टी के उन नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक है जो जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
जय प्रकाश ने आगे कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी को मजबूती देने और 2027 में सरकार बनाने की दिशा में स्पष्ट रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद कर रही है ताकि संगठन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
वहीं, राम मंदिर चंदा घोटाले के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने इस मामले को सही तरीके से उठाया है। उनके अनुसार, यदि यह मुद्दा सामने नहीं लाया जाता तो संभवतः गड़बड़ी करने वाले लोग बच निकलते। उन्होंने कहा कि यह कदम भगवान राम के मंदिर के हित में और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।