नई दिल्ली: दिल्ली के माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमन में माय भारत के सहयोग से आयोजित 'खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात पीएम मोदी के साथ' कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छात्राओं के साथ खुलकर बातचीत की। केंद्रीय मंत्री ने युवाओं के सुझावों को महत्व देने, खेलों के साथ मानसिक स्वास्थ्य व पोषण सेवाओं पर ध्यान देने और नशामुक्त भारत पर फोकस करते हुए छात्राओं को नशामुक्ति के लिए शपथ भी दिलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में हुए इस देशव्यापी आयोजन में दिल्ली के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छात्राओं का अभिवादन किया और देश की युवा शक्ति को जोड़कर प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के विजन में भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। यह संवाद प्रधानमंत्री के संदेश से जुड़ा हुआ और मंच पूरी तरह खुला रखा गया ताकि हर छात्रा को अपनी बात रखने का समय मिल सके।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने अपने संबोधन में खेलों को समग्र विकास का अहम हिस्सा बताया और कहा कि खेल पढ़ाई जितने ही महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे अनुशासन, आत्मविश्वास, सहनशीलता और व्यक्तित्व निर्माण में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के सुझावों को सुनकर नीतियों में आवश्यक संशोधन और कार्यान्वयन किया जाएगा।
छात्राओं ने अनेक सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य व खेल मनोविज्ञान: खेलो इंडिया सेंटरों और सरकारी खेल अकादमियों में नियमित 'साइकोलॉजी वेटेड' मॉड्यूल चलाने का सुझाव- तनाव प्रबंधन, ध्यान, प्रेरणा, प्रदर्शन दबाव, असफलता से निपटना व भावनात्मक कोचिंग, ग्रामीण व दूरदराज़ क्षेत्रों पर फ़ोकस: बेहतर खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर, सस्ते/सुलभ उपकरण, प्रशिक्षित कोच, जागरूकता अभियान, करियर मार्गदर्शन और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग शामिल हैं। आर्थिक व संसाधन बाधाओं का समाधान करने का सुझाव देते हुए छात्राओं ने कहा कि ऐसे प्रोग्राम बनाए जाएं जिनसे आर्थिक रूप से कमजोर छात्राएं भी अपनी पसंद के खेल सीख सकें- अनुदान, किराए पर उपकरण, स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र आदि। पारिवारिक व शैक्षिक संवेदनशीलता की बात करते हुए छात्राओं ने माता-पिता व अध्यापकों को संवेदनशील बनाने के लिए कार्यशालाएँ करने का सुझाव दिया ताकि युवा खेल प्रतिभाओं को और प्रोत्साहन मिले।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने सभी प्रस्तुत सुझावों को ध्यान से सुना और छात्राओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि जो सुझाव व्यवहारिक हैं उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर आगे की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, पोषण और ग्रामीण खेलों के विकास पर विशेष जोर देने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री शिवराज ने छात्राओं को नशा मुक्त भारत की शपथ भी दिलवाई और कहा कि स्वस्थ युवा ही देश का वास्तविक बल हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयारियों पर लगातार काम चल रहा है और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
संवाद में भाग लेने वाली छात्राओं ने खुशी जताई कि उन्हें सीधे केंद्रीय कृषि मंत्री से बात करने और अपनी समस्याएं व सुझाव रखने का मंच मिला। कई छात्राओं ने कहा कि इस तरह के संवाद से उनके मन में उम्मीद जगी है कि नीति निर्माताओं तक आवाज पहुंचेगी और व्यवहारिक बदलाव दिखाई देंगे।
Tags: