Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर अत्यधिक कोहरे और धुंध के कारण वाहनों की गति सीमा घटा दी है। यह कदम एक्सप्रेसवे पर बढ़ती दुर्घटनाओं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
यूपीडा के अनुसार, वर्तमान में visibility 50 मीटर से कम होने के कारण एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। ऐसे हालात में यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। यूपीडा ने सुरक्षा टीम और पुलिस विभाग के समन्वय से SOP तैयार कर वाहन चालकों को विशेष निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा टीम अब अत्यधिक धुंध या कोहरे में वाहनों को निकटतम टोल, पेट्रोल पंप, रेस्तरां या वे-साइड अमेनिटी पर रोक कर एकत्रित करेगी। इसके बाद वाहनों को कन्वॉय (Convoy) में एक साथ रवाना किया जाएगा। यह व्यवस्था मुख्य रूप से रात के समय और कम दृश्यता वाले क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है। यूपीडा ने गति सीमा में संशोधन करते हुए विभिन्न प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग नियम लागू किए हैं।
एम-1 प्रवर्ग यान (चालक सीट के अतिरिक्त 8 यात्रियों के लिए):
प्रातः 08:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक: 80 किमी/घंटा
रात्रि 08:00 बजे से प्रातः 08:00 बजे तक: 60 किमी/घंटा
एम-2 और एम-3 प्रवर्ग यान (चालक सीट के अतिरिक्त 9 या अधिक यात्रियों के लिए):
प्रातः 08:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक: 60 किमी/घंटा
रात्रि 08:00 बजे से प्रातः 08:00 बजे तक: 50 किमी/घंटा
एन प्रवर्ग यान (मालवाहक वाहन):
प्रातः 08:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक: 50 किमी/घंटा
रात्रि 08:00 बजे से प्रातः 08:00 बजे तक: 40 किमी/घंटा
यूपीडा ने कहा कि इस संशोधित गति सीमा का पालन तुरंत प्रभाव से 15 फरवरी तक या कोहरे की स्थिति सामान्य होने तक अनिवार्य रहेगा। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे पर साइनबोर्ड और समाचार-पत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि सभी चालक नियमों से अवगत हों।
इसके अलावा, एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग के खिलाफ एटीएमएस प्रणाली के माध्यम से चालान जारी करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। यूपीडा का कहना है कि यह कदम दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने में मददगार होगा।
यूपी पुलिस और यूपीडा के अधिकारी लगातार एक्सप्रेसवे की निगरानी कर रहे हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे आवश्यक होने पर ही यात्रा करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और धुंध में सावधानी बरतें। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।