TMC में टूट के दावे तेज, BJP सहयोगी दल का बयान-‘हमारे संपर्क में हैं कुछ TMC सांसद’

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Update: 2026-07-02 14:45 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और आरपीआई (A) प्रमुख रामदास अठावले ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ सांसद उनके संपर्क में हैं और आने वाले समय में वे NDA का हिस्सा बन सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है। अठावले ने कहा कि विपक्षी दल अपने सांसदों और विधायकों को एकजुट रखने में असफल हो रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास कार्यों के कारण कई जनप्रतिनिधि NDA की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि विपक्षी दलों से लगातार लोग पाला बदल रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का जिक्र करते हुए कहा कि “टीएमसी के कुछ सांसद उनके संपर्क में हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यदि 5-6 सांसद साथ आते हैं, तो वे उन्हें अपनी पार्टी आरपीआई (A) में शामिल कराने की कोशिश करेंगे।

महाराष्ट्र और विपक्ष पर टिप्पणी
रामदास अठावले ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा या उसके सहयोगी दल किसी पार्टी को कमजोर नहीं कर रहे, बल्कि विपक्षी दल स्वयं अपने भीतर की एकजुटता बनाए रखने में असफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई सांसद और विधायक अब यह मानने लगे हैं कि केंद्र में मोदी सरकार के नेतृत्व में विकास की गति तेज है और ऐसे में विपक्ष में बने रहने का लाभ सीमित है।

TMC में अंदरूनी विवाद के संकेत
इस बीच, टीएमसी के भीतर असंतोष और टूट की खबरें भी सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार टीएमसी के बागी सांसदों के एक समूह ने गुरुवार (2 जुलाई) को चुनाव आयोग से मुलाकात की और दो-तिहाई विधायकों के समर्थन का दावा किया है। बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि “असली टीएमसी वही है” और उनके साथ बहुमत का समर्थन मौजूद है। वहीं, ममता बनर्जी गुट की नेता सागरिका घोष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग पर भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में काम करने का आरोप लगाया जा रहा है।

चुनाव आयोग तक पहुंचा विवाद
टीएमसी के भीतर चल रहे इस राजनीतिक विवाद ने अब चुनाव आयोग का रुख भी कर लिया है। बागी सांसदों द्वारा दावे किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या आने वाले समय में पार्टी में बड़ा विभाजन देखने को मिल सकता है।

राजनीतिक माहौल गरमाया
अठावले के बयान और टीएमसी के अंदरूनी विवाद के दावों ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक ओर NDA सहयोगी दल विपक्ष से नेताओं के जुड़ने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर टीएमसी नेतृत्व इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले समय में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है। हालांकि, अभी किसी भी तरह की आधिकारिक टूट या दल-बदल की पुष्टि नहीं हुई है।
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