पांवटा साहिब। कृषि विभाग धौलाकुआं ने मई महीने के लिए किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने खरीफ सीजन की मुख्य फसलों की बुवाई और पशुओं की देखभाल को लेकर अहम सिफारिशें की हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त है। लंबी बोनी किस्मों की नर्सरी 20 मई से सात जून और बासमती किस्मों की 15 से 30 मई के बीच डालें। बुवाई से पहले बीज को 2.5 ग्राम दवा प्रतिकिलो की दर से उपचारित करना जरूरी है। विभाग ने आरपी-2421, सुगंधा धान-1 और कस्तूरी जैसी उन्नत्त किस्में लगाने की सलाह दी है। मक्का की बुवाई पर्वतीय क्षेत्रों में 15 मई से जून के पहले सप्ताह तक कर लें।
बीज की मात्रा 20 किलोग्राम हेक्टेयर रखें और कतार से कतार 60 सेमी की दूरी बनाए रखें। चारे वाली मक्का के लिए मई-जून में 50 किग्रा/हेक्टेयर बीज डालें। हिमाचल के निचले क्षेत्रों में टमाटर, शिमला मिर्च और कद्दू वर्गीय सब्जियों की रोपाई का समय चल रहा है। रोपाई के साथ 40-50 किलोग्राम यूरिया प्रति हेक्टेयर डालें। टमाटर-बैंगन में कमरलोडऱोग से बचने के लिए क्यारियों को बुवाई से 15-20 दिन पहले फार्मेलीन 5-10 लीटर प्रति 100 लीटर पानी से शोधित करें। मई में बढ़ती गर्मी को देखते हुए विभाग ने पशुपालकों को अलर्ट किया है। पशुओं को लू से बचाने के लिए छायादार जगह और साफ पानी का इंतजाम करें। मछली पालकों को सलाह देते हुए कहा कि तालाब का पानी 5-6 फीट गहरा रखें। सुबह के समय ऑक्सीजन की कमी से बचने के लिए एरेटर चलाएं या ताजा पानी डालें। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या तकनीकी सूचना केंद्र, एटिक के हेल्पलाइन नंबर 01894-230395 पर संपर्क करें।