सोनिया गांधी की आज ED के सामने पेशी, कांग्रेस का बड़ा बयान आया

Update: 2022-07-21 05:36 GMT

न्यूज़ क्रेडिट: हिंदुस्तान

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से नेशनल हेराल्ड केस में आज ईडी पूछताछ करने वाली है। इस पूछताछ के विरोध में देश के सभी राज्यों के साथ ही कांग्रेस दिल्ली में भी आंदोलन कर रही है। इस बीच पार्टी का आरोप है कि दिल्ली स्थित मुख्यालय के बाहर पुलिस तैनात है और वह मीडिया को भी अंदर नहीं आने दे रही है। कांग्रेस ने कहा कि इस तरह की ज्यादती से पता लगता है कि नरेंद्र मोदी सरकार की मानसिकता क्या है। विपक्षी दल पार्टी प्रमुख से पूछताछ के विरोध में देशभर में प्रदर्शन करने वाला है और उसने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई को 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, 'आज सुबह से दिल्ली पुलिस यकीनन केंद्रीय गृह मंत्री के आदेश से मीडिया को कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में प्रवेश नहीं करने दे रही है।' उन्होंने कहा कि इसी ज्यादती की उम्मीद की जा सकती थी और यह मोदी सरकार की मानसिकता प्रदर्शित करती है। इस बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय पर जुटे हैं। सुबह ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने गोलबंदी कर सोनिया गांधी के समर्थन में नारेबाजी की और उनके प्रति अपना समर्थन जताया। दिल्ली में आज बड़ी संख्या में कांग्रेसियों के सड़कों पर उतरने की संभावना है। इसके चलते पुलिस ने रूट डायवर्जन भी किया है। कई स्थानों पर रूट को बदला गया है।
इस बीच खबर है कि सोनिया गांधी के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी ईडी दफ्तर तक जा सकते हैं। सुबह ही प्रियंका गांधी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दफ्तर पहुंची थीं। सोनिया गांधी को ईडी ने नेशनल हेराल्ड केस में सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था। कहा जा रहा है कि कुछ ही देर में सोनिया गांधी अपने घर से निकलेंगी। वह ईडी दफ्तर जाने से पहले कांग्रेस कार्यालय पहुंचेगीं और फिर ईडी के दफ्तर जाएंगी। इस दौरान राहुल और प्रियंका गांधी के अलावा कुछ और नेता भी साथ होंगे।
इस बीच भाजपा ने भी कांग्रेस पर अटैक किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, 'जब पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने कई मामलों में पूछताछ का सामना किया है। लेकिन क्या हमने विरोध किया? एक ओर भाजपा है, जो एजेंसियों का साम्मान करती है। दूसरी ओर कांग्रेस है, जो जांच एजेंसियों का मनोबल तोड़ती है। उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उनके खिलाफ कई मुकदमे शुरू हुए थे। मोदी जी मुख्यमंत्री के तौर पर जांच एजेंसियों के सामने पेश हुए और 12 घंटों तक उनके सवालों का जवाब दिया। तब क्या दिल्ली में कोई विरोध हुआ था।'
Tags:    

Similar News