नई दिल्ली: देश के 12 राज्यों में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 99.02 प्रतिशत मतदाता विशिष्ट गणना प्रपत्र का वितरण संपन्न हो चुका है। रविवार को भारतीय चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी।
चुनाव आयोग ने रविवार को दोपहर 3 बजे नए आंकड़े जारी किए। डेली बुलेटिन के अनुसार, पूरे देश में 99.02 प्रतिशत लोगों तक गणना प्रपत्र पहुंच चुका है। चुनाव आयोग ने कहा कि यह बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की मजबूत फील्ड मोबिलाइजेशन और बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की भागीदारी को दिखाता है।
चुनाव आयोग के अनुसार, गोवा और लक्षद्वीप में गणना प्रपत्र का 100 प्रतिशत वितरण रिकॉर्ड किया गया है। इसके बाद अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.82 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत और गुजरात में 99.67 प्रतिशत है।
इसके अलावा, मतदाता संख्या के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 99.60 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हुआ है, जहां कुल मतदाता 15.44 करोड़ से अधिक हैं। पुडुचेरी में 95.34 प्रतिशत, तमिलनाडु में 95.96 प्रतिशत और केरल में 97.23 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटने का काम पूरा हुआ है।
12 राज्यों में 4 नवंबर से जारी एसआईआर प्रक्रिया के तहत कुल योग 50.97 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से कुल 50.47 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र बंट चुके हैं। हालांकि, एसआईआर की ऑनलाइन प्रक्रिया का काम अभी भी वितरण से पीछे है। अब तक 20.02 करोड़ फॉर्म को अपलोड किया गया है, यानी कुल डिजिटाइजेशन रेट 39.29 प्रतिशत है।
ऑनलाइन प्रक्रिया के मामले में, लक्षद्वीप 88.20 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। उसके बाद गोवा 69.38 प्रतिशत और राजस्थान 65.52 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर हैं। केरल में सबसे कम डिजिटाइजेशन प्रोग्रेस (सिर्फ 15.92 प्रतिशत) रही है। उत्तर प्रदेश में 19.02 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हुआ है। चुनाव आयोग ने बताया कि राजनीतिक दलों से वेरिफिकेशन और डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के लिए ज्यादा बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने को कहा गया है।