Jaipur. जयपुर। राजस्थान पुलिस में उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती-2021 और पीटीआई भर्ती-2022 से जुड़े पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी बिठाने के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने निलंबित शिक्षक सुनील कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है। सुनील पर आरोप है कि उसने डमी अभ्यर्थियों की व्यवस्था करके मोटी रकम वसूली। SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि एसआई भर्ती-2021 में चयनित अभ्यर्थी डालूराम मीणा की जगह हरसनराम देवासी को डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा दिलवाने की पूरी व्यवस्था सुनील कुमार ने की थी। सुनील ने परीक्षा के दौरान वास्तविक उम्मीदवारों की जगह डमी अभ्यर्थियों को बैठाने की योजना बनाई थी। इस मामले में पहले भी डालूराम मीणा और हरसनराम देवासी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सुनील कुमार विश्नोई राजस्थान के सांकड़ा (जालोर) का रहने वाला है। वह हिंदी विषय का शिक्षक (ग्रेड-2) था और सिरोही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत था, लेकिन यह आरोप सामने आने के बाद वह निलंबित कर दिया गया था। SOG ने उसे गिरफ्तार कर रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। विशाल बंसल ने यह भी बताया कि सुनील ने पीटीआई भर्ती-2022 में भी डमी अभ्यर्थी की व्यवस्था की थी। इस भर्ती में चयनित अभ्यर्थी अशोक पटेल की जगह उम्मेद सिंह को परीक्षा में बैठाया गया था। इसके बदले में आरोपी ने मोटी रकम वसूली थी। सुनील इस मामले में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। एसआई भर्ती-2021 का मामला 1 फरवरी 2024 को एसओजी में दर्ज किया गया था। अब सुनील की गिरफ्तारी से यह मामला और स्पष्ट हो गया है कि शिक्षक और कुछ अभ्यर्थी मिलकर डमी अभ्यर्थी बैठाने और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुनील की गिरफ्तारी से कई अन्य संदिग्धों की पहचान में मदद मिलेगी।
यह कार्रवाई राजस्थान में भर्ती घोटालों पर SOG की गंभीरता को दर्शाती है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस पूरे प्रकरण ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा के महत्व पर सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस और SOG ने कहा है कि वह पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। SOG ने यह भी स्पष्ट किया कि डमी अभ्यर्थियों का खेल अब खत्म किया जाएगा और भर्ती परीक्षाओं में किसी को भी इस प्रकार के गोरखधंधे की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुनील की गिरफ्तारी के बाद यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। राजस्थान में भर्ती घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे युवाओं के मनोबल और सरकारी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है। प्रशासन और पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए डमी अभ्यर्थियों और उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सुनील की गिरफ्तारी से उम्मीद जताई जा रही है कि भर्ती घोटालों के खिलाफ अन्य कार्रवाई भी प्रभावी होगी और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकेगा।