मुंबई। महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता अवधेश शुक्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि अप्रैल 2027 का महीना सरकार के लिए बेहद मुश्किल साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि देशभर में बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। उनके मुताबिक, सरकार के खिलाफ आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है।
अप्रैल में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का दावा
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान अवधेश शुक्ला ने कहा कि INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर संजय राउत पहले ही महत्वपूर्ण संकेत दे चुके हैं। उन्होंने कहा, "जैसा राउत साहब ने पहले ही बताया है, अप्रैल में एक बड़ा विस्फोट होने वाला है। सरकार के खिलाफ आंदोलन पूरे देश में फैल चुका है। देशभर के युवा सड़कों पर हैं। बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। अप्रैल का महीना सरकार के लिए बहुत घातक साबित होने वाला है।"
हालांकि, उन्होंने अप्रैल में संभावित घटनाक्रम की विस्तृत योजना या किसी निश्चित कार्रवाई की जानकारी नहीं दी।
बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा
शिवसेना यूबीटी प्रवक्ता ने बेरोजगारी को युवाओं की नाराजगी का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने दावा किया कि रोजगार के अवसरों की कमी और अन्य जनसमस्याओं को लेकर विरोध बढ़ रहा है।
इससे पहले संजय राउत भी बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार से सवाल पूछ चुके हैं। उन्होंने सितंबर में देश की आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए रोजगार की स्थिति पर चिंता जताई थी।
INDIA गठबंधन की रणनीति पर चर्चा
विपक्षी गठबंधन की बैठकों में संयुक्त आंदोलन और आपसी समन्वय का मुद्दा पहले भी उठ चुका है। सितंबर के अंत में हुई INDIA गठबंधन की बैठक में उद्धव ठाकरे ने अलग-अलग विरोध कार्यक्रमों के बजाय साझा रणनीति अपनाने पर जोर दिया था।
उस बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर संयुक्त कार्रवाई की संभावनाओं पर चर्चा की थी।
संजय राउत भी कर चुके हैं बड़ा दावा
संजय राउत ने अप्रैल 2027 के अंतिम सप्ताह में केंद्र सरकार गिरने का दावा किया है। उनके इस बयान पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने पलटवार करते हुए भविष्यवाणी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।
Jansatta
फिलहाल ये विपक्षी नेताओं के राजनीतिक दावे हैं। सरकार गिरने या किसी निश्चित राजनीतिक परिवर्तन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।