छह विभूतियों को शान-ए-बिलासपुर

Update: 2026-07-15 11:43 GMT
Chandpur. चांदपुर। हिमाचल एकता मंच और सिंदूर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में गत दिवस आयोजित शान ए बिलासपुर सम्मान समारोह जिला परिषद भवन के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें जिला और बाहर की आधा दर्जन से अधिक विभूतियों को शान ए बिलासपुर सम्मान से अलंकृत किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल एकता मंच के अध्यक्ष दीप लाल भारद्वाज ने की, जबकि हिमुडा के निदेशक जितेंद्र चंदेल ने मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई। सम्मानित विभूतियों में प्रदेश के जाने माने संपादक, लेखक, साहित्यकार, कवि, पत्रकार और कल्याण कला मंच बिलासपुर के निदेशक सुरेंद्र मिन्हास कहलूरी को बिलासपुर की संस्कृति, विरासत को सहेजने और जिला व प्रदेश के कला व कलमकारों विशेष रूप से महिलाओं को मंच तक पहुंचाने और उन्हें मान सम्मान दिलाने के गंभीर और सफल प्रयासों के लिए शान ए बिलासपुर सम्मान से
विभूषित किया गया।

आयोजकों ने सुरेंद्र मिन्हास को पुष्पहार पहना कर पुष्प गुच्छ भेंट किया। इसके बाद उन्हें स्मृति चिन्ह और प्रमाणपत्र दे कर अलंकृत किया। यूं तो सुरेन्द्र मिन्हास कॉलेज के समय से ही एक विख्यात समाज सेवी के रूप में जाने जाते रहे हैं। 1996 को बिलासपुर लेखक संघ के सदस्य और फिर महासचिव बनने के बाद से ग्राम्य क्षेत्र की छिपी कला प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें मंच पर लाने का भगीरथ कार्य करने लगे। साथ ही निस्वार्थ क्षेत्रीय कलाकारों और समाजसेवियों को सम्मानित करने का बीड़ा उठाया। वर्तमान में कल्याण कला मंच बिलासपुर के प्रधान और फिर निदेशक के पदों पर रहते हुए उपरोक्त कार्यों के अलावा जिला की संस्कृति, परंपराओं, पुराने खेलों, रीति रिवाजों और प्राचीन धरोहरों के प्रचार, प्रसार और संरक्षण बारे अपने मंच की टीम के साथ कार्य कर रहे हैं। साथ ही मंच कहलूरी बोली के प्रचार प्रसार और प्रकाशन को भी बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्प है। सुरेन्द्र मिन्हास को राज्य और राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सैकड़ों सम्मानों और प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया जा चुका है।
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