Una. ऊना। डेरा बाबा रुद्रानंद सेवा संगठन ने लक्ष्मी पैलेस नारी में “आत्मनिर्भर हिमाचल और बोझिल बजट” विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया और हिमाचल के बजट को दिशाहीन और बोझिल करार दिया। संगोष्ठी का नेतृत्व पूर्व मंत्री वीरेंद्र कवर ने किया, जबकि शिक्षाविद् सतपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बजट और आर्थिक नीतियों पर विस्तृत परिचर्चा हुई। प्रेस क्लब ऊना के महामंत्री और हिमोत्कर्ष संस्था के राज्य अध्यक्ष जितेंद्र कंवर ने विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार रखे। वरिष्ठ पत्रकार राजीव भनोट भी इस संगोष्ठी में विशिष्ट रूप से मौजूद रहे।
वक्ताओं ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर जोर दिया और सरकार की वर्तमान आर्थिक नीतियों की कमियों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि बजट में प्राथमिकताएं स्पष्ट नहीं हैं, जिससे विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण परियोजनाओं पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा बजट की संरचना और नीति निर्धारण में दिशा की कमी होने के कारण आर्थिक प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया है। संगोष्ठी में यह भी चर्चा हुई कि हिमाचल प्रदेश में किस प्रकार नीतियां बनाई जा सकती हैं, जिससे प्रदेश आर्थिक रूप से सशक्त बने और जनता को अधिक लाभ पहुंचे। सुझाव दिए कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता, बजट का सही वितरण और आय के सृजन पर ध्यान देना आवश्यक है। इसके साथ ही, स्थानीय उद्योग, कृषि और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्रावधानों की आवश्यकता बताई गई।
पूर्व मंत्री वीरेंद्र कवर ने कहा कि प्रदेश की जनता आर्थिक विकास और रोजगार के मामले में तेजी की अपेक्षा करती है, लेकिन वर्तमान बजट में वह दृष्टि नहीं दिखाई देती। सतपाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर हिमाचल के लिए नीति निर्धारण में दीर्घकालिक योजनाओं और वित्तीय अनुशासन पर जोर होना चाहिए। संगोष्ठी के दौरान विभिन्न दृष्टिकोणों और सुझावों पर चर्चा की गई, जिसमें बजट को सरल, प्रभावी और विकासोन्मुख बनाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने सरकार से आग्रह किया कि बजट को जनता की आवश्यकताओं और प्रदेश की आर्थिक वास्तविकताओं के अनुसार तैयार किया जाए। इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने बजट और आर्थिक नीतियों के प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श किया और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई।