Delhi दिल्ली: Election Commission of India ने आगामी 9 अप्रैल 2026 को होने वाले चुनावों के मद्देनज़र इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) की दूसरी रैंडमाइजेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया के तहत असम, केरल और पुडुचेरी सहित गोवा, कर्नाटक, नगालैंड और त्रिपुरा में होने वाले उपचुनावों के लिए मशीनों का आवंटन किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, यह रैंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई, जिसमें सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और विश्वास बनाए रखना है।
बताया गया है कि दूसरी रैंडमाइजेशन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि किस मतदान केंद्र पर कौन सी EVM और VVPAT मशीनें तैनात होंगी। इससे पहले पहली रैंडमाइजेशन के तहत मशीनों को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में आवंटित किया गया था। चुनाव आयोग का कहना है कि इस तरह की बहु-स्तरीय प्रक्रिया से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हस्तक्षेप की संभावना को न्यूनतम किया जा सकता है। यह प्रक्रिया चुनावों की विश्वसनीयता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सभी मशीनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए सभी तैयारियां तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। विभिन्न राज्यों में प्रशासनिक मशीनरी और चुनावी स्टाफ को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा सके।