स्कूल के हॉल में फंदे पर लटका मिला स्कूल कर्मचारी, 20 पेज का सुसाइड नोट बरामद
जांच में जुटी पुलिस
Pali. पाली। राजस्थान के पाली शहर में गुरुवार को एक निजी स्कूल से जुड़ी ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। स्कूल परिसर में आग लगने की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को आग बुझाने के दौरान एक युवक का शव फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान स्कूल में कार्यरत 30 वर्षीय राघवेन्द्र शर्मा के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस ने मौके से 20 पेज का सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। इस घटना ने शहर में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, शहर के एक निजी स्कूल परिसर से सुबह धुआं उठता दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने स्कूल भवन से धुआं निकलता देख तुरंत फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग (डिस्कॉम) को सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एहतियातन स्कूल की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई ताकि आग और अधिक न फैल सके।
सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग लगने के कारणों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि स्कूल के रिकॉर्ड रूम में आग लगी हुई थी। रिकॉर्ड रूम से घना धुआं निकल रहा था और वहां रखा दस्तावेजी सामान जल रहा था। दमकलकर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया और कुछ समय की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। हालांकि आग बुझाने के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जब दमकलकर्मी स्कूल भवन के अंदर स्थित हॉल की ओर पहुंचे, तो उनकी नजर वहां लगी लोहे की रेलिंग पर पड़ी। रेलिंग से एक युवक फंदे के सहारे लटका हुआ था। युवक को इस हालत में देखकर दमकलकर्मी भी हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने शव को नीचे उतरवाकर उसकी पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। जांच में मृतक की पहचान टैगोर नगर स्थित सरस्वती स्कूल के पास रहने वाले राघवेन्द्र शर्मा (30) पुत्र एसएन शर्मा के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि राघवेन्द्र पिछले करीब सात वर्षों से इसी स्कूल में कार्यरत था। शुरुआत में वह स्कूल में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहा था, लेकिन बाद में उसे प्रशासनिक और कार्यालय संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। वर्तमान में वह स्कूल के बाबू के रूप में कार्यरत था।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। जैसे ही राघवेन्द्र की मां और पत्नी को उसके आत्महत्या करने की जानकारी मिली, दोनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मां और पत्नी एक-दूसरे से लिपटकर बिलखती रहीं, जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। पुलिस को घटनास्थल की तलाशी के दौरान 20 पन्नों का एक सुसाइड नोट भी मिला है। अधिकारियों ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट की सामग्री का अध्ययन कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आत्महत्या के पीछे क्या कारण रहे। माना जा रहा है कि नोट में कई महत्वपूर्ण जानकारियां हो सकती हैं, जो पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद करेंगी।
इधर रिकॉर्ड रूम में लगी आग को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि आग हादसावश लगी थी या फिर इसे जानबूझकर लगाया गया था। रिकॉर्ड रूम में रखा महत्वपूर्ण दस्तावेजी सामान और वहां स्थापित डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) आग में पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया है। डीवीआर के नष्ट होने से सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करने में भी कठिनाई आ सकती है। यही वजह है कि पुलिस आग और आत्महत्या के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है। कोतवाली थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सुसाइड नोट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन, स्थानीय नागरिकों और मृतक के परिचितों में शोक का माहौल है। शहर में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।