Shimla. शिमला। नगर निगम शिमला की सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की लगातार चौथे दिन जारी हड़ताल का असर अब साफ तौर पर शहर की व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। सोमवार को राजधानी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह डगमगा गई और शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर गंदगी के ढेर लग गए। मॉलरोड, रिज मैदान और लोअर बाजार जैसे सबसे व्यस्त इलाकों से दोपहर तीन बजे तक भी कूड़ा पूरी तरह नहीं उठ पाया। शहर में जगह-जगह फैली गंदगी के कारण स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर निगम प्रशासन ने शुरुआत के दो दिनों तक किसी तरह हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन सोमवार को कर्मचारियों की कमी के कारण व्यवस्था लडख़ड़ा गई।
मॉलरोड और रिज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सफाई का जिम्मा मात्र पांच नियमित कर्मचारियों के कंधों पर आ गया। इन कर्मचारियों को पूरे क्षेत्र की सफाई और कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी एक साथ निभानी पड़ी, जिसके चलते शहर की तस्वीर पूरे दिन बिगड़ी रही। सोमवार सुबह से ही शहर के विभिन्न हिस्सों में कूड़े के ढेर नजर आए। खेल परिसर के पास से नगर निगम कर्मचारियों ने एक साथ तीन गाडिय़ों में कूड़ा उठाया, जबकि रिज और मॉलरोड क्षेत्र से ही करीब दस गाडिय़ों के बराबर कूड़ा साफ करना पड़ा। इसके बावजूद गंदगी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी और कई स्थानों पर देर शाम तक कूड़ा फैला रहा। लिहाजा, शहर के 34 वार्डों में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। नगर निगम की टीम ने सुबह पिकअप प्वाइंट से कूड़ा उठाने का प्रयास तो किया, लेकिन वार्डों की सडक़ों, गलियों और रास्तों की नियमित सफाई नहीं हो पाई। नालियों और सीढिय़ों के किनारे जमा कूड़े से लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ी। मॉलरोड से लोअर बाजार की ओर जाने वाली सीढिय़ों में पूरे दिन गंदगी फैली रही।