प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोहित सरदाना के निधन पर शोक जाहिर किया है. पीएम ने ट्विटर पर लिखा- 'रोहित सरदाना के निधन से स्तब्ध और दुखी हूं. ईश्वर उनकी आत्मा को अपनी चरणों में स्थान दें.'


वरिष्ठ पत्रकार और आजतक के ऊर्जावान एंकर रोहित सरदाना नहीं रहे. आज दोपहर उनका हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया. उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं.




रोहित को कुछ दिनों पहले कोविड संक्रमण हुआ था लेकिन वो उससे निकल रहे थे और सक्रिय थे. गुरुवार की रात तक वो संस्थान और अपने बाकी साथियों का हौसला बढ़ाते रहे और काम करते रहे. लेकिन रात में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नोएडा के मैट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां शुक्रवार को हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया.


हरियाणा के कुरुक्षेत्र से आने वाले रोहित के नाम बेस्ट एंकर के NT Award और ENBA Award के साथ-साथ हिंदी पत्रकारिता का प्रतिष्ठित गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार भी है.


रोहित सरदाना भारत के सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले, ऊर्जावान एंकर थे. उन्होंने डेढ़ दशक के अपने करियर में ऑल इंडिया रेडियो में बतौर उद्घोषक पहले अपनी आवाज़ घर-घर पहुंचाई और उसके बाद ईटीवी, सहारा समय, जी न्यूज़ और फिर आजतक में अपने विशेष तेवरों वाली एंकरिंग से घर-घर में अपनी पहचान बनाई.




वे हिंदी के सबसे तेजतर्रार एंकरों में गिने जाते थे. आजतक के प्राइम टाइम शो, दंगल के एंकर के तौर पर रोहित ने टीवी एंकरिंग में वो मुकाम हासिल किया जो बहुत कम लोगों को हासिल हुआ है. इससे पहले वो जी न्यूज में एक पापुलर शो के एंकर भी रहे थे.
दंगल का उस्ताद
तीखे और स्पष्ट सवाल रोहित सरदाना की एंकरिंग की वो खूबी माने जाते हैं जिनकी वजह से वे अक्सर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की बोलती बंद कर दिया करते थे. सोशल मीडिया पर उनके लाखों की संख्या में फॉलोअर्स थे.
रोहित की कई ऐसी स्टोरीज रहीं जिन्होंने देश की खबरों का एजेंडा सेट किया, जिनमें से ख़ास रहीं जेएनयू में देश विरोधी नारे, कश्मीर में हुर्रियत नेताओं का पाकिस्तान का फंड कनेक्शन, पं. बंगाल के मालदा और धूलागढ़ की सांप्रदायिक हिंसा, कैराना के पलायन का सच और तीन तलाक के खिलाफ़ एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत.
2014 में लोकसभा चुनावों के पहले सांसदों का लेखाजोखा उनके द्वारा बनाया गया मील का पत्थर कार्यक्रम है. निर्भीक एंकर होने के साथ-साथ वे बेहतरीन रिपोर्टर भी थे.
ग्राउंड पर जाकर चुनावी फिजा को भांपने और उसे जनता तक पहुंचाने में उनकी अलग ही महारत थी. उनके निधन पर समाज के अलग अलग क्षेत्र की तमाम हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है.
उनके निधन की खबर सुनकर मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. कई पत्रकारों ने उनके निधन की खबर ट्वीट की है. उनके निधन की खबर सुनकर मीडिया जगत स्तब्ध हो गाय है. कई पत्रकारों ने उनके निधन पर ट्वीट कर शोक जताया है. पत्रकारों के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ, मोदी सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई बड़े राजनेताओं ने भी उनके निधन पर शोक जताया है.
रोहित सरदाना के निधन को लेकर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने ट्विटर पर लिखा, ''बहुत ही भयानक समाचार है. जाने-माने टीवी न्यूज एंकर रोहित सरदाना का निधन हो गया है. आज सुबह दिल का दौरा पड़ा. उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना.''
वहीं आजतक मीडिया संस्थान से जुड़ी पत्रकार चित्रा त्रिपाठी ने लिखा, ''हंसता-खेलता परिवार, दो छोटी बेटियाँ. उनके लिए इस दंगल को हारना नहीं था रोहित सरदाना जी. आज सुबह चार बजे नोएडा के निजी अस्पताल में ICU में आपको ले ज़ाया गया और दिन चढ़ने के साथ ये बहुत बुरी खबर. कुछ कहने को अब बचा ही नहीं.''
वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी ने लिखा कि अब से थोड़ी देर पहले हमारे साथी का फोन आया. उसने जो कहा सुनकर मेरे हाथ कांपने लगे. हमारे मित्र और सहयोगी रोहित सरदाना की मृत्यु की ख़बर थी. ये भगवान की नाइंसाफ़ी है. ॐ शान्ति.
रोहित सरदाना के निधन पर शिव अरूर ने भी ट्वीट कर संवेदना जताई. उन्होंने कहा, ''विदाई, रोहित भाई. यह विश्वास नहीं किया जा सकता है. कोई शब्द नहीं बचे हैं. आपको याद किया जाएगा, मेरे दोस्त.''
रोहित सरदाना के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जाताया. उन्होंने लिखा, ''वरिष्ठ पत्रकार श्री रोहित सरदाना जी का निधन अत्यंत दुःखद है. वह जनपक्षीय पत्रकारिता के अप्रतिम हस्ताक्षर थे. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को शान्ति व शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति''
रोहित सरदाना के निधन पर स्मृति ईरानी ने शोक जताया. उन्होंने लिखा, ''पत्रकारिता जगत के प्रतिभावान और लोकप्रिय वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना जी के असामयिक निधन के बारे में जानकर स्तब्ध हूं. उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करती हूं और ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं. ॐ शांति.''
बता दें कि रोहित सरदाना कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके थे.


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