Rifles action: दो विद्रोही गिरफ्तार, हथियार व नकली शराब बरामद

Update: 2025-10-27 18:31 GMT
Manipur मणिपुर: सुरक्षा बलों ने एक बार फिर आतंकवाद और अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भारतीय सेना और असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर 17 से 24 अक्टूबर 2025 के बीच कई खुफिया-आधारित संयुक्त ऑपरेशन चलाए, जिनमें दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में हथियार, अवैध सामान तथा युद्ध जैसी सामग्रियां बरामद की गईं।  रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन अभियानों के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने मणिपुर के विभिन्न जिलों में फैले उग्रवादी नेटवर्क को कमजोर करने के उद्देश्य से कई सटीक ऑपरेशन किए। ककचिंग जिले के पांगालताबी क्षेत्र में एक विशेष छापेमारी के दौरान 500 लीटर जाली शराब जब्त की गई, जो इलाके में अवैध कारोबार के रूप में चल रही थी। इस कार्रवाई से न केवल स्थानीय स्तर पर अपराधियों को झटका लगा बल्कि प्रशासन ने भी इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ सख्त रवैया दिखाया।
वहीं, एक अन्य बड़ी कार्रवाई चुराचांदपुर जिले में हुई, जहां असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने यूकेएनए (United Kuki National Army) संगठन से जुड़े उग्रवादी हाओमिनथांग हाओकिप को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए। सूत्रों के मुताबिक, हाओकिप पिछले कई महीनों से इस इलाके में संगठन की गतिविधियों को संचालित कर रहा था और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन अभियानों के दौरान बरामद सामग्रियों में न केवल हथियार और गोला-बारूद शामिल हैं, बल्कि कई वॉर-लाइक स्टोर्स (युद्ध जैसी सामग्री) भी मिली हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इन ऑपरेशनों से उग्रवादी संगठनों की सप्लाई चेन और संसाधन नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ा है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सेना और असम राइफल्स की यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल का परिणाम है। सभी एजेंसियों ने एक समन्वित रणनीति के तहत इन इलाकों में अभियान चलाया, जिससे अपराधियों को भागने का कोई मौका नहीं मिला। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, मणिपुर में पिछले कुछ समय से उग्रवादी गतिविधियों में फिर से इजाफा देखा गया था, खासकर उन सीमावर्ती इलाकों में जहां से म्यांमार के साथ अवैध आवाजाही होती रही है। 
इसी पृष्ठभूमि में, इन खुफिया-आधारित अभियानों को अंजाम दिया गया ताकि न केवल उग्रवाद पर लगाम लगाई जा सके बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास भी बहाल हो। सुरक्षा बलों ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में इस तरह की संयुक्त कार्रवाई और तेज की जाएगी। अवैध हथियार, नकली शराब, ड्रग्स तस्करी और उग्रवादी नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कदम उठाने की योजना है।  इन अभियानों ने एक बार फिर यह साबित किया है कि भारतीय सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस मिलकर राज्य में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मंत्रालय ने कहा कि इन ऑपरेशनों में शामिल जवानों की सतर्कता और साहस ने एक बार फिर मणिपुर को सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
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