Shimla. शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को कहा कि मूसलाधार बारिश, बादल फटने व भू-स्खलन के कारण राज्य में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों, विशेष रूप से जिला मंडी के थुनाग और जंजैहली में राहत और पुनर्वास के कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव निरंतर प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय और त्वरित जमीनी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों की समस्याओं से अवगत है और आपदा पीडि़तों को राहत प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की दोनों टीमें जंजैहली और थुनाग उपमंडल के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। इसके अलावा मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग, निदेशक ऑपरेशन राज्य विद्युत बोर्ड और मुख्य अभियंता जल शक्ति विभाग बहाली कार्यों की निगरानी के लिए थुनाग में
तैनात हैं।


इसके अलावा होमगार्ड, पुलिस और स्वयंसेवकों की टीमें भी राहत और बहाली कार्यों में शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ काम करने और विशेष रूप से अति प्रभावित क्षेत्रों में सडक़ संपर्क, पेयजल आपूर्ति और बिजली बहाली के लिए त्वरित और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि भू-स्खलन और बाढ़ के कारण राज्य भर में लगभग 392 सडक़ों पर यातायात बाधित हुआ है। राज्य मशीनरी को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता स्वयं मौके पर जा रहे हैं। विभाग युद्धस्तर पर बहाली कार्य में जुटा है, जिसमें 289 जेसीबी और एसकेवेटर, 15 रोबोट, 16 डोजर्स तथा 111 टिप्पर लगाए गए हैं, ताकि जल्द से जल्द सडक़ मार्गों की सफाई हो सके। कुल बाधित सडक़ों में से 196 सडक़ों के तुरंत खोले जाने की संभावना है, 79 को चार जुलाई तक तथा शेष 117 सडक़ों को आने वाले दिनों में खोल दिया जाएगा। अब तक सडक़ अधोसंरचना को लगभग 182 करोड़ का नुकसान हुआ है।
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