संचार साथी ऐप को लेकर सुरेंद्र राजपूत बोले, सरकार स्पष्ट करे ये कैसे करेगा काम
लखनऊ: कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने मंगलवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद चौधरी मोहम्मद रमजान के वोट चोरी पर दिए बयान को लेकर आपत्ति जताई। साथ ही उन्होंने सभी मोबाइल में संचार साथी ऐप प्री इंस्टॉल करने की गाइडलाइन पर सरकार से जवाब मांगा है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सभी नेता चाहे वो उमर अब्दुल्ला हों या फारूक अब्दुल्ला, सभी वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। सभी लोग कह रहे हैं कि वोट चोरी से संविधान खतरे में है, जो बिल्कुल भी उचित नहीं है। कुछ राजनीतिक दल के लोग मौजूदा राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में करने के लिए वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। वे इस बात को हवा देने की कोशिश कर रहे हैं। वे सोच रहे हैं कि ऐसा करने से उन्हें राजनीतिक लाभ मिलेगा, लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह उनकी गलतफहमी है, लिहाजा उनके लिए यह बेहतर रहेगा कि वे इस गलतफहमी को अपने जेहन से निकाल दें।
संचार साथी को लेकर जारी विवाद पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि सरकार को सामने आकर इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में बताना होगा। सरकार को यह बताना होगा कि यह कैसे काम करता है? 'संचार साथी' को लेकर मेरा सरकार से सीधा सा सवाल है कि क्या वो इसके माध्यम से लोगों की निजी जानकारी को जुटाना चाहती है। वह लोगों के मोबाइल फोन को हैक करना चाहती है, जिससे यह पता चल सके कि कौन क्या कर रहा है, लेकिन यह अफसोस की बात है कि सरकार इस संबंध में किसी भी सवाल का जवाब देने से बच रही है, जिसे फिलहाल मौजूदा समय में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। हम एक जिम्मेदारी विपक्ष होने के नाते ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने देंगे।
दरअसल भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने मोबाइल निर्माताओं से कहा है कि सभी स्मार्टफोन में संचार साथी मोबाइल ऐप प्री-इंस्टॉल होना चाहिए. यह ऐप साइबर ठगी आदि की रिपोर्ट करने में मदद करेगा।
सुरेंद्र राजपूत ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कहा कि विपक्षी दल की तरफ से इसे लेकर संसद के मकर द्वार में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से हमें कोई आपत्ति नहीं है। हमें आपत्ति इसकी पूरी प्रक्रिया से है जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत आम लोगों को बाध्य किया जा रहा है, ताकि उनसे जानकारी जुटाई जा सके। वहीं बीएलओ को इतना मजबूर कर दिया गया है कि वो अब आत्महत्या तक करने पर मजबूर हो रहे हैं। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर पूरा विपक्ष विरोध प्रदर्शन करेगा।
वहीं, उन्होंने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बैठक में नहीं होने के बाद शुरू हुई विभिन्न प्रकार के कयासों को सुरेंद्र राजपूत ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया शशि थरूर किसी जरूरी काम से कहीं चले गए होंगे। ऐसी स्थिति में उनके बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर बेवजह कुछ लोग तूल दे रहे हैं, जो कि उचित नहीं है। शशि थरूर हमारे लिए सम्मानित सांसद हैं। उनके विचारों का पार्टी हमेशा से ही सम्मान करती हुई आई है।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भाजपा राज्यसभा में वंदे मातरम कहने पर रोक लगा रही है। जिस तरह से अंग्रेजों ने भारतीयों के वंदे मातरम कहने पर रोक लगाई थी। क्या अंग्रेजों के मानस पुत्र भी ऐसी रोक लगाएंगे? हम इसे नहीं मानेंगे। वंदे मातरम कांग्रेस के लोग अंग्रेजों के दौरान गाया करते थे और भाजपा के पुरखे हमें पिटवाया करते थे। भाजपा के लोग वंदे मातरम से जुड़े प्रतीकों को खत्म करना चाहती है। वो वंदे मातरम को लेकर विरोधाभाष की स्थिति अपना रही है।
साथ ही, उन्होंने मांग की कि डिजिटल अरेस्ट में शामिल उन सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जो पुलिस की वर्दी में काम कर रहे हैं। ये लोग बहरूपिए हैं। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। बिना भय, पक्ष और द्वोष के यह कार्रवाई होनी चाहिए।