PoJK पर राना सनाउल्लाह का बड़ा बयान, बोले- जिन मुजाहिदीन को हमने ट्रेनिंग दी
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Islamabad. इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार राना सनाउल्लाह का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि जिन मुजाहिदीन को कभी पाकिस्तान ने प्रशिक्षण देकर पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर भेजा था, आज वही समूह पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। उनके इस बयान को पाकिस्तान की सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़ी नीतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राना सनाउल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान ने अतीत में कुछ लोगों को मुजाहिदीन के रूप में प्रशिक्षित कर भेजा था, लेकिन अब वही लोग वर्षों से पाकिस्तान के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। उन्होंने कहा, "आज पीओजेके में वही लोग मौजूद हैं, जिन्हें कभी हमने मुजाहिदीन के तौर पर ट्रेनिंग देकर भेजा था। उसके बाद से वे आज तक हमारे गले पड़े हुए हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि इन संगठनों से जुड़े कई लोगों के पास अब भी हथियार हैं और वे क्षेत्र में सक्रिय हैं।
उन्होंने दावा किया कि इन समूहों की कोई राजनीतिक या जनकल्याण से जुड़ी वास्तविक मांग नहीं है। उनके अनुसार, ये लोग आम नागरिकों को ढाल बनाकर अपने उद्देश्य पूरे करने की कोशिश करते हैं। राना सनाउल्लाह ने कहा कि ऐसे हालात में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई आवश्यक है और भविष्य में भी ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि यदि कानून प्रवर्तन एजेंसियां इन समूहों के खिलाफ कार्रवाई करती हैं, तो यह केवल कानून का शासन कायम रखने के लिए किया जाता है। उनके अनुसार, राज्य की जिम्मेदारी है कि वह हिंसक गतिविधियों और सशस्त्र समूहों के खिलाफ उचित कदम उठाए ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रहे।
राना सनाउल्लाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर विभिन्न संगठनों द्वारा प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी क्षेत्र में कथित दमन, आर्थिक समस्याओं और अन्य मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
इस बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के वरिष्ठ नेता सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक लोगों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के एक अन्य नेता सरदार अमन कश्मीरी ने भी आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद तक मार्च करेंगे और किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दावा किया कि यदि केवल एक व्यक्ति भी आंदोलन में बचा रहेगा, तब भी विरोध जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की सेना की आलोचना करते हुए कहा कि क्षेत्र के लोग अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ समय से महंगाई, बिजली संकट, करों और प्रशासनिक नीतियों को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तनावपूर्ण स्थिति भी बनी है। ऐसे माहौल में राना सनाउल्लाह का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि अतीत में प्रशिक्षित किए गए सशस्त्र समूह अब पाकिस्तान के लिए ही चुनौती बन गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और अतीत की नीतियों के प्रभाव को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देता है। हालांकि, PoJK की मौजूदा स्थिति, विभिन्न पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप और घटनाओं से जुड़े दावों पर स्वतंत्र रूप से सत्यापन सीमित है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।