15 लाख रुपए की रिश्वत लेते रेलवे इंजीनियर सीबीआई के हत्थे चढ़ा
7 करोड़ के बोनस के बदले रिश्वत, CBI का एक्शन
Vijayawada विजयवाड़ा। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को 15 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया। साथ ही आरोपियों के विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पिथापुरम और हैदराबाद स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी भी की गई। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दक्षिण मध्य रेलवे के विजयवाड़ा स्थित मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर प्रोजेक्ट्स कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर बापीराजू और येला कंस्ट्रक्शंस के प्रबंध निदेशक के बेटे श्रीचंद को सीबीआई ने गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया।
सीबीआई ने रविवार को जाल बिछाकर कार्रवाई की और वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर को 15 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोप है कि यह रिश्वत येला कंस्ट्रक्शंस को बोनस राशि मंजूर करने और जारी कराने के बदले दी जा रही थी। सीबीआई ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 15 लाख रुपए की रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। दोनों आरोपियों को सोमवार को विजयवाड़ा स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।
सीबीआई ने रविवार को ही इस मामले में वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर, चार निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा कुछ अज्ञात सरकारी और निजी व्यक्तियों के खिलाफ रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में मामला दर्ज किया। सीबीआई के अनुसार, दो निजी कंपनियों, गणपति इंजीनियरिंग वर्क्स और येला कंस्ट्रक्शंस के संयुक्त उद्यम (ज्वाइंट वेंचर) को दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा 179.50 करोड़ रुपए का ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग कार्य दिया गया था।
जांच एजेंसी ने बताया कि संयुक्त उद्यम ने निर्धारित समय से पहले काम पूरा करने के आधार पर करीब 7 करोड़ रुपए बोनस का दावा किया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजयवाड़ा स्थित सीएसटीई प्रोजेक्ट्स कार्यालय के अधिकारियों ने कथित तौर पर बोनस से जुड़ी फाइल में तारीखों में हेरफेर कर संयुक्त उद्यम को अनुचित लाभ पहुंचाया और बोनस दावे को मंजूरी दिलाने में मदद की। सीबीआई ने यह भी बताया कि निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक ने 16 अगस्त को आरोपी वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर को सूचित किया था कि उनका बेटा विशाखापत्तनम से विजयवाड़ा आते समय रिश्वत की रकम पहुंचाएगा।