Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भारत के युवाओं और देश की डिजिटल क्षमता को लेकर बड़ा बयान दिया। प्रयागराज में युवाओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास करीब 40 करोड़ ऊर्जावान युवा हैं और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में चीन, अमेरिका और रूस जैसे देशों की चर्चा होती है, लेकिन भारतीय युवाओं की क्षमता के सामने इन देशों की ताकत भी कम नजर आती है। राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी में किसी भी देश की प्रगति मुख्य रूप से दो चीजों पर निर्भर करती है। पहली है उस देश की युवा क्षमता और दूसरी है युवाओं तथा नागरिकों द्वारा तैयार किया जाने वाला डेटा। उन्होंने कहा कि भारत के पास ये दोनों ताकतें मौजूद हैं। देश में बड़ी संख्या में युवा आबादी है और भारत दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा इस्तेमाल करने वाले देशों में शामिल है।
उन्होंने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत की आने वाली तस्वीर युवाओं की क्षमता और उनकी सोच से तय होगी। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं में नई चीजें सीखने, तकनीक को अपनाने और नए विचारों के साथ आगे बढ़ने की क्षमता है। यदि इस क्षमता को सही दिशा और पर्याप्त अवसर दिए जाएं तो भारत दुनिया में बड़ी भूमिका निभा सकता है। राहुल गांधी ने भारत में इंटरनेट और डेटा के बढ़ते इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में लोग बड़ी मात्रा में इंटरनेट डेटा का उपयोग करते हैं और हर भारतीय रोजाना करीब एक गीगाबाइट डेटा इस्तेमाल करता है। उनके मुताबिक, यह आंकड़ा भारत की डिजिटल क्षमता और देश में इंटरनेट की व्यापक पहुंच को दर्शाता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आने वाले समय में डेटा और युवा शक्ति किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में भारत के पास मौजूद दोनों संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल देश को आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत में युवाओं के रोजगार, तकनीकी शिक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए उनकी क्षमता को पहचानने और उन्हें बेहतर अवसर देने की जरूरत पर जोर दिया।