नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में जल्द FIR दर्ज होनी चाहिए। राहुल ने इसे सिर्फ खरगे का नहीं, बल्कि देश के हर दलित से जुड़ा मुद्दा बताया।
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार 29 अगस्त को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में इस समय दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष चल रहा है। राहुल गांधी ने अपने बयान के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का भी जिक्र किया और उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके साथ कथित तौर पर हुई ‘शुद्धिकरण’ की घटना को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी के मुताबिक, जब मल्लिकार्जुन खरगे हल्द्वानी गए थे, तब कथित तौर पर बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोगों ने ‘शुद्धिकरण’ किया था। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसी रस्म निभाना अपराध की श्रेणी में आता है।
राहुल ने कहा कि 10 अगस्त को कथित तौर पर यह घटना हुई और 13 अगस्त को खरगे ने सदन में अपने अपमान की बात कही थी। उनका सवाल था कि इस मामले में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
खरगे मामले में FIR दर्ज करने की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों ने कथित तौर पर यह हरकत की है, उनके खिलाफ जल्द से जल्द FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC/ST एक्ट का उल्लंघन है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उत्तराखंड में मल्लिकार्जुन खरगे को न्याय मिलना चाहिए। राहुल ने प्रधानमंत्री के उस दावे का भी जिक्र किया, जिसमें वे खुद को हर जाति का और पूरे भारत का प्रधानमंत्री बताते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करने की बात करते हैं, तो उन्हें इस मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संबंधित लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दें।
‘यह सिर्फ खरगे का नहीं, हर दलित का मुद्दा’
राहुल गांधी ने अपने बयान में इस मामले को व्यापक सामाजिक मुद्दे से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का मामला नहीं है। उनके मुताबिक, यह देश के हर दलित व्यक्ति से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि अगर देश की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ खुले तौर पर इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है, तो समाज के दूसरे दलित लोगों की स्थिति के बारे में भी सवाल उठता है।
राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में स्कूलों में दलित बच्चों के साथ होने वाले कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि आज भी कुछ जगहों पर दलित बच्चों से स्कूल में झाड़ू लगवाने और शौचालय साफ करवाने जैसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं और कांग्रेस की लड़ाई बीजेपी-आरएसएस की उस विचारधारा के खिलाफ है, जिसे वह भेदभाव और असमानता को बढ़ावा देने वाली विचारधारा मानते हैं।
दो विचारधाराओं की लड़ाई का जिक्र
राहुल गांधी ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है। उन्होंने एक विचारधारा को महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल से जोड़ा, जबकि दूसरी विचारधारा को आरएसएस और बीजेपी से संबंधित बताया। उन्होंने कहा कि देश में हजारों वर्षों से दलितों के साथ अन्याय की बात सामने आती रही है और उनके मुताबिक आज भी भेदभाव की घटनाएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।
राहुल गांधी ने शादी के दौरान दलित दूल्हे के घोड़ी पर बैठने से जुड़े कथित सामाजिक भेदभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर दलित दूल्हों को हमले के डर से सुरक्षा की जरूरत महसूस होती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी दलित व्यक्ति के सामाजिक या आर्थिक रूप से सफल होने पर उसके खिलाफ हमले का खतरा बढ़ जाता है।
राजनीतिक विवाद के बीच राहुल की सरकार से मांग
मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार दोनों से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि सामाजिक समानता और दलित सम्मान से जुड़ा विषय बताया। राहुल गांधी का कहना है कि ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
फिलहाल राहुल गांधी ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा है कि मामले में जल्द कार्रवाई होनी चाहिए और खरगे को उत्तराखंड में न्याय मिलना चाहिए।