Jamshedpur जमशेदपुर। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रघुवर दास ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कई दिनों से आंदोलन कर रहे आदिवासी, मूलवासी और अन्य छात्रों की स्थिति बेहद चिंताजनक है तथा सरकार उनकी बुनियादी सुविधाओं की भी अनदेखी कर रही है।
रघुवर दास ने कहा कि छात्रों की परेशानियों को देखकर उन्हें गहरा दुख हुआ। उनके अनुसार, आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को न तो टेंट लगाने की अनुमति दी गई है और न ही पीने के पानी, स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वच्छता जैसी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने इसे संवेदनहीन रवैया बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है।
भाजपा नेता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है और मंगलवार सुबह ईमेल के माध्यम से भी उसे भेजा है। पत्र में उन्होंने आंदोलनरत छात्रों के लिए तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने का आग्रह किया है।
रघुवर दास ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह अभ्यर्थियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
उधर, JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच, दोषियों पर कार्रवाई और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर दबाव बना रहा है।