पुतिन ने दिए परमाणु परीक्षण की तैयारी के संकेत, ट्रंप के बयान के बाद रूस में बढ़ी हलचल
Masko मास्को: रूस और अमेरिका के बीच परमाणु तनाव एक बार फिर गहराने लगा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को अपने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को संभावित परमाणु हथियार परीक्षणों पर ठोस प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया है। यह आदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका परमाणु परीक्षणों को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा है। रूसी टीवी नेटवर्क आरटी के मुताबिक, इस अहम बैठक का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी जारी किया गया है। वीडियो में रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव पुतिन को सुरक्षा स्थिति पर जानकारी देते दिख रहे हैं। बेलौसोव ने कहा कि “वाशिंगटन के कदमों के जवाब में मास्को को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए और परमाणु परीक्षणों की तैयारी शुरू करना उचित है।”
पुतिन ने इस दौरान कहा कि रूस ने अब तक व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) का कड़ाई से पालन किया है। लेकिन उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या कोई अन्य परमाणु शक्ति इस संधि का उल्लंघन करती है, तो रूस भी उसी मार्ग पर चलेगा। उन्होंने विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और विशेष सेवाओं को निर्देश दिया कि वे इस विषय पर आवश्यक जानकारी जुटाएं और सुरक्षा परिषद के समक्ष परमाणु परीक्षणों की तैयारी से जुड़ा ठोस प्रस्ताव पेश करें। रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, ट्रंप ने हाल ही में रूस और चीन पर ‘गुप्त परमाणु विस्फोट’ करने का आरोप लगाया था, जिसे दोनों देशों ने सिरे से खारिज कर दिया। इस बयान के बाद क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस अमेरिकी पक्ष से इन टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा है।
गौरतलब है कि अमेरिका ने आखिरी बार 1992 में, चीन और फ्रांस ने 1996 में, जबकि सोवियत संघ ने 1990 में परमाणु परीक्षण किया था। सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस ने अब तक कोई नया परमाणु परीक्षण नहीं किया है। पुतिन के इस आदेश को विश्लेषक वैश्विक परमाणु संतुलन के लिए एक बड़ा संकेत मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों देश परीक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती साबित हो सकती है।