Leh में इरान समर्थन प्रदर्शन, US कार्रवाई के खिलाफ विरोध
खिलाफ ठोस कदम उठाए
Ladakh लद्दाख: प्रदर्शनकारियों ने इरानी सरकार और उसके सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खमनेई के समर्थन में रैली निकाली। इस मौके पर लोगों ने अमेरिका और इजरायल की विदेश नीति और उनकी कार्रवाइयों के खिलाफ विरोध भी जताया। इस रैली का आयोजन अंजुमन इमामिया के उपाध्यक्ष शेख नजीर अहमद शरीफ़ी ने किया। उन्होंने कहा, "इरान ने मानवता और शांति के लिए एक क्रांति लायी, लेकिन अमेरिका और इजरायल इसे बर्दाश्त नहीं कर सके। लद्दाख में इस जुलूस का उद्देश्य यह दिखाना है कि हम अन्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठाते आए हैं।"
शेख नजीर ने कहा कि भारत और इरान के बीच हमेशा अच्छे संबंध रहे हैं और भारत की सरकार को अमेरिका द्वारा की जा रही अन्यायपूर्ण कार्रवाईयों पर ध्यान देना चाहिए और इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा, "हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अमेरिका और इजरायल के अत्याचारों के खिलाफ ठोस कदम उठाए।"
रैली में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में इरानी झंडे और बैनर लेकर मार्च किया। उन्होंने अमेरिका और इजरायल की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए और मानवाधिकारों की रक्षा करने के महत्व पर जोर दिया।
शेख नजीर ने बताया कि इस तरह के रैलियों और विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य न केवल इरान के प्रति समर्थन दिखाना है, बल्कि वैश्विक न्याय और समानता के संदेश को फैलाना भी है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने अंतरराष्ट्रीय हितों और मित्र देशों के प्रति न्यायपूर्ण रवैया अपनाना चाहिए।
लेह में आयोजित इस शांतिपूर्ण रैली ने यह भी संदेश दिया कि स्थानीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर जागरूकता और नागरिक सक्रियता को बढ़ावा देना संभव है। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और यह वैश्विक भाईचारे को मजबूत करने में सहायक होता है। इस अवसर पर उपस्थित लोग इरानी सरकार की नीतियों और क्रांतिकारी नेतृत्व की सराहना करते हुए इसे मानवता और शांति के लिए योगदानकारी बताया।