सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से प्रतिदिन 500 यूनिट बिजली और जैविक खाद का उत्पादन
सिरोही। सिरोही ब्रह्माकुमारी संस्थान ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया कदम बढ़ाते हुए संस्थान के शांतिवन, आनंद सरोवर, मनमोहिनी वन, मान सरोवर, पांडव भवन, ज्ञान सरोवर आदि परिसरों से निकलने वाले कचरे को रिसाइकल कर बिजली बनाने का संयंत्र लगाया गया है। इसके लिए सोलर थर्मल पावर प्लांट में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की स्थापना की गई है। मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि इससे जहां कचरे को इधर-उधर नहीं डालना पड़ेगा, साथ ही कचरे से बिजली बनने से बचत भी होगी। अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए यह बहुत ही अच्छी पहल है। अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती ने कहा कि आज इस नई शुरुआत को देखकर बहुत प्रसन्नता हो रही है।
अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन भाई ने कहा कि मुख्यालय में देश-विदेश से लाखों लोग आते हैं। उन्हें भी अपने यहां इस तरह के संयंत्र लगाने की प्रेरणा मिलेगी। मीडिया निदेशक बीके करुणा, नई दिल्ली से बीके पुष्पा, ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. प्रताप मिड्ढा, वरिष्ठ राजयोगी बीेके मोहन सिंघल सहित वरिष्ठ पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे। सोलर थर्मल पावर प्लांट के बीके योगेंद्र ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र में रोज तीन हजार किलो कचरे को रिसाइकल करने की क्षमता है। इससे रोज 400 क्यूबिक बायोगैस बनाई जाएगी। इस बायोगैस को जनरेटर के माध्यम से बिजली में बदला जाएगा। इससे रोज 500 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इस संयंत्र से जहां बिजली मिलेगी, वहीं खेती, पेड़-पौधों के लिए जैविक खाद भी मिलेगी। सबसे बड़ी बाद बिजली के साथ-साथ इस संयंत्र से रोज दो हजार किलो जैविक खाद निकलेगी। जिसका उपयोग हम खेती, पेड़-पौधों के लिए कर सकते हैं। यह खाद पेड़-पौधों के लिए संजीवनी का काम करेगी। इस संयंत्र से कचरे का अंबार नहीं लगेगा तथा बिजली के साथ-साथ खाद भी मिलेगी।