लॉरेंस बिश्नोई-हाशिम बाबा सिंडिकेट से जुड़े घोषित अपराधी को गिरफ्तार

अपराधी

Update: 2026-07-27 15:38 GMT
Delhi दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लॉरेंस बिश्नोई-हाशिम बाबा क्राइम सिंडिकेट से जुड़े एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह अपराधी दक्षिण दिल्ली में व्यवसायी और जिम के सह-मालिक नादिर शाह की हत्या के मामले में सितंबर 2024 से गिरफ्तारी से बच रहा था। आरोपी की पहचान सद्दाम हुसैन उर्फ ​​सोनू के तौर पर हुई है। उसे एसीपी आशीष कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर आलोक कुमार मौर्य और नीतू कुमार के नेतृत्व वाली स्पेशल सेल/एनडीआर टीम ने गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त (स्पेशल सेल/एनडीआर) प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने सोमवार को बताया कि इस मामले में क्राइम सिंडिकेट के 16 सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने भरोसेमंद मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश के अमरोहा से सद्दाम को ट्रैक किया और पकड़ा। उसकी जानकारी के आधार पर दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए। डीसीपी के मुताब‍िक, व्यवसायी और जिम के सह-मालिक नादिर शाह को 12 सितंबर 2024 की रात ग्रेटर कैलाश-I में उनके जिम के बाहर गोली मार दी गई थी। जांच से पता चला कि यह हत्या लॉरेंस बिश्नोई-हाशिम बाबा सिंडिकेट द्वारा रंगदारी वसूलने की कोशिश के तहत रची गई थी। पुलिस ने बताया कि सद्दाम ने गैंगस्टर हाशिम बाबा के करीबी सहयोगी साजिद फद्दी के साथ मिलकर हत्या में शामिल शूटरों और अन्य आरोपियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट दिया था। उसने अपराध में इस्तेमाल हथियारों को छिपाने में भी मदद की थी। साजिद फद्दी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सद्दाम गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गया था।
मूल रूप से अमरोहा का रहने वाला और वर्तमान में दिल्ली के जाफराबाद इलाके में रहने वाला सद्दाम बच्चों के कपड़ों की दुकान चलाता है। पुलिस ने बताया कि वह अपने साथी सोहेल उर्फ ​​चप्पल, जो हाशिम बाबा गैंग का सदस्य है, के माध्यम से अपराध की दुनिया में आया था। 2013 में सद्दाम को हत्या के प्रयास के मामले में सोहेल के साथ गिरफ्तार किया गया था। 2018 में, उसे जाफराबाद में एक व्यवसायी से 1 लाख की मांग से जुड़े रंगदारी और फायरिंग के मामले में फिर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि वह गैंग की आपसी दुश्मनी से जुड़े हत्या की कोशिश के दो अन्य मामलों में भी शामिल रहा है। सद्दाम ग्रेटर कैलाश पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत कई मामलों में वांछित था। अदालत ने उसे इस मामले में 'घोषित अपराधी' करार दिया था।
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