लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज में स्थित जिला जेल में बंद कैदी उज्जवल भट्ट ने सोमवार को सुबह फांसी लगा ली। सूचना मिलते ही आनन फानन में जेल के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच पड़ताल के बाद एडीसीपी चिरंजीव सिन्हा की मौजूदगी में शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उज्ज्वल भट्ट (26) लखनऊ के आलमबाग के छोटा बरहा का रहने वाला था। उसे संवेदनशील बैरक में रखा गया था। आज यानी सोमवार को उसने बेडशीट का फंदा बनाकर खीड़की के जंगले से लटककर फांसी लगा ली।
सुरक्षा में लगे जेल कर्मियों नें आनन फानन में उसे फंदे से उतारकर जेल अस्पताल ले गए। वहां मौजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेलर के के दीक्षित ने मीडिया से बताया कि उज्ज्वल हत्या के केस में साल 2019 से जेल में बंद है। उसपर हत्या और हत्या के प्रयास समेत सात केस दर्ज हैं। कोर्ट ने हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में शनिवार को फैसला सुनाया था। सजा सुनाने के लिए मंगलवार को कोर्ट में बुलाया था। शनिवार को कोर्ट से वापस आने के बाद से ही वह अपनी सजा को लेकर काफी परेशान था। कल उसे कोर्ट में पेश किया जाना था। इससे पहले उसने फांसी लगा ली।
घटना की सूचना मिलते ही एडीसीपी चिरंजीव सिन्हा जिला जेल पहुंचे। उनकी मौजूदगी में पंचायत नामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वरिष्‍ठ जेल अधीक्षक आशीष तिवारी ने माडिया से बात करते हुए बताया कि आलमबाग थाने की पुलिस उज्जवल भट्ट पुत्र संजीव कुमार शर्मा को 15 फरवरी, 2019 को आलमबाग के छोटा बरहा से गिरफ्तार कर लाई थी। उस समय उज्जवल पर 5 गम्भीर मुकदमे दर्ज थे, जिसम वह फरार चल रहा था। इसकी वजह से उसपर इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने कैदी के परिजनो को जनकारी दे दी है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आशीष तिवारी के अनुसार जिला जेल में बंद उज्जवल भट्ट ने आत्‍महत्‍या क्‍‍‍‍‍‍यों की, इसके बारे में अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस परिजनों से संपर्क कर मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
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