जबलपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जबलपुर दौरे के दौरान सोमवार को सहज और आम लोगों से जुड़ा अंदाज देखने को मिला। मंडला में तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से डुमना एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बरेला में शारदा माता मंदिर के पास उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और सड़क किनारे स्थित चाय की दुकान पर पहुंच गए। यहां उन्होंने बैठकर चाय पी और दुकान संचालक से बातचीत की। मुख्यमंत्री के अचानक दुकान पर पहुंचने से आसपास मौजूद स्थानीय लोग भी उत्साहित हो गए।

मुख्यमंत्री का यह अनौपचारिक पड़ाव उस समय हुआ, जब उनके मंडला से सड़क मार्ग से जबलपुर आने की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग बरेला में उनका स्वागत करने के लिए जुटे हुए थे। लोगों की मौजूदगी देखकर मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाया और सीधे चाय की दुकान पहुंचकर लोगों के बीच कुछ समय बिताया। उन्होंने चाय के पैसे भी खुद चुकाए।

सड़क किनारे चाय की दुकान पर रुके मुख्यमंत्री

बरेला में शारदा माता मंदिर के सामने सड़क किनारे स्थित अग्रवाल होटल की चाय की दुकान पर मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे। उन्होंने वहां बैठकर चाय पी और दुकान संचालक से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दुकान के बारे में भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री का काफिला आमतौर पर निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार चलता है, लेकिन इस मौके पर उन्होंने स्थानीय लोगों के बीच रुककर उनसे सीधे संवाद किया। सड़क किनारे चाय पीने का उनका यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर उत्साह जताया। कई लोग उन्हें देखने के लिए दुकान के आसपास जमा हो गए। मुख्यमंत्री ने भी लोगों के अभिवादन का जवाब दिया और कुछ समय वहां रुकने के बाद आगे के लिए रवाना हुए।

सास-बहू के ढाबे पर भी पहुंचे

चाय की दुकान पर रुकने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला बरेला स्थित सन राइज फैमिली ढाबे पर भी पहुंचा। यह ढाबा सास-बहू मिलकर चलाती हैं। मुख्यमंत्री ने यहां भी चाय पी और ढाबे का संचालन करने वाली आरती दुबे तथा उनकी बहू सुरभि दुबे से बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने दोनों से उनके कामकाज और परिवार का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि ढाबे का काम किस तरह चल रहा है और परिवार के सदस्य किस तरह इसे संभाल रहे हैं।

स्थानीय परिवार द्वारा संचालित इस ढाबे पर मुख्यमंत्री का रुकना भी लोगों के लिए खास रहा। मुख्यमंत्री ने यहां मौजूद लोगों से बातचीत की और उनके काम के बारे में जानकारी ली।

मुफ्त कोचिंग देने वाले मयंक साहू का सम्मान

बरेला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय युवक मयंक साहू को भी सम्मानित किया। मयंक साहू बरेला क्षेत्र के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग देने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके इस प्रयास की सराहना की और शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया।

बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल को मुख्यमंत्री ने प्रोत्साहित किया। स्थानीय स्तर पर बच्चों की पढ़ाई के लिए किए जा रहे प्रयास को लेकर मयंक साहू की सराहना की गई।

इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में व्यक्तिगत स्तर पर किए जा रहे प्रयास और बच्चों के लिए उपलब्ध कराई जा रही निशुल्क कोचिंग की जानकारी भी सामने आई। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलने से मयंक साहू के प्रयास को स्थानीय स्तर पर भी पहचान मिली।

मंडला से लौटते समय हुआ पड़ाव

मुख्यमंत्री मोहन यादव मंडला में आयोजित तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सड़क मार्ग से जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी यात्रा के दौरान उनका काफिला बरेला में शारदा माता मंदिर के पास रुका।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की जानकारी पहले से स्थानीय लोगों को थी। इसी कारण बरेला में उनके स्वागत के लिए लोग जुटे हुए थे। लोगों को देखकर मुख्यमंत्री ने निर्धारित यात्रा के बीच थोड़ी देर रुकने का फैसला किया और चाय की दुकान पर पहुंचे।

इसके बाद वह सन राइज फैमिली ढाबे पर भी गए। पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों और छोटे कारोबारियों के साथ सीधे संवाद किया।

आम लोगों के बीच दिखा सहज अंदाज

मुख्यमंत्री का बरेला दौरा किसी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय आम लोगों से मुलाकात के कारण चर्चा में रहा। सड़क किनारे चाय की दुकान पर बैठना, दुकान संचालक से बातचीत करना और स्थानीय परिवार द्वारा चलाए जा रहे ढाबे पर रुकना इस दौरान प्रमुख रहा।

इसके साथ ही बच्चों को मुफ्त कोचिंग देने वाले युवक का सम्मान भी मुख्यमंत्री के दौरे का अहम हिस्सा बना। मयंक साहू को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करने के दौरान मुख्यमंत्री ने उनके काम की प्रशंसा की। स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को करीब से देखा।

लोगों में दिखा उत्साह

मुख्यमंत्री के अचानक चाय की दुकान पर रुकने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ बढ़ गई। लोग मुख्यमंत्री की एक झलक देखने के लिए मौके पर पहुंचने लगे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और कुछ समय वहां मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कारोबारियों से बातचीत भी हुई। इससे आसपास के लोगों को उनके साथ सीधे संवाद का मौका मिला। बरेला में कुछ समय रुकने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला आगे बढ़ गया।

चाय से सम्मान तक, चर्चा में रहा दौरा

डॉ. मोहन यादव का यह जबलपुर दौरा इसलिए चर्चा में आया क्योंकि तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम के बाद लौटते समय उन्होंने औपचारिक कार्यक्रमों से हटकर स्थानीय लोगों के बीच समय बिताया। शारदा माता मंदिर के सामने सड़क किनारे चाय पीने से लेकर सास-बहू के ढाबे पर पहुंचने और मुफ्त कोचिंग देने वाले मयंक साहू को सम्मानित करने तक, उनके कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और छोटे स्तर पर काम कर रहे लोगों से मुलाकात प्रमुख रही।

बरेला में हुए इस संक्षिप्त पड़ाव ने मुख्यमंत्री के दौरे को एक अलग पहचान दी। स्थानीय लोगों से बातचीत, चाय की चुस्की और सामाजिक काम करने वाले युवक का सम्मान पूरे घटनाक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।

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