Delhi दिल्ली: एआई इम्पैक्ट समिट के अवसर पर भारत और अबू धाबी के बीच उच्चस्तरीय संवाद देखने को मिला। समिट के इतर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस हिज हाइनेस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ एक सार्थक और सकारात्मक बैठक हुई। इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने भविष्य की उभरती तकनीकों और रणनीतिक सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
चर्चा के केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटिंग और भारत में डेटा सेंटर निवेश जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र रहे। दोनों नेताओं ने तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और डिजिटल अवसंरचना के विकास में सहयोग की संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की। विशेष रूप से भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने और अत्याधुनिक कंप्यूटिंग क्षमताओं के विस्तार को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण सामने आया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्र आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति के प्रमुख चालक बनेंगे। ऐसे में भारत और अबू धाबी के बीच सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगा, बल्कि नवाचार और निवेश के नए अवसर भी सृजित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद से तकनीक, निवेश और कौशल विकास के क्षेत्रों में दीर्घकालिक लाभ मिल सकते हैं। एआई इम्पैक्ट समिट के मंच ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि नई दिल्ली वैश्विक तकनीकी और रणनीतिक चर्चाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।