Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इंफेंट्री डे (Infantry Day) के अवसर पर भारतीय सेना की पैदल सेना (Infantry) के साहस, समर्पण और वीरता को सलाम किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारतीय पैदल सेना के जवानों की अटूट देशभक्ति और बलिदान भावना पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “इंफेंट्री डे पर हम पैदल सेना की अडिग बहादुरी और समर्पण को नमन करते हैं। राष्ट्र की रक्षा के प्रति उनका समर्पण हमारी शक्ति और त्याग का प्रतीक है। हर सैनिक वीरता और सेवा के सर्वोच्च आदर्शों का प्रतिनिधित्व करता है, जो हर भारतीय को प्रेरित करता है। इंफेंट्री डे भारतीय सेना के इतिहास में एक गौरवशाली दिन माना जाता है। यह दिन 27 अक्टूबर 1947 को जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के कबायली हमलावरों से रक्षा के लिए भारतीय सेना की पैदल सेना की पहली तैनाती की याद में मनाया जाता है। इस दिन भारतीय सैनिकों ने श्रीनगर एयरफील्ड पर उतरकर दुश्मन के कब्जे से जम्मू-कश्मीर की रक्षा की थी।
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी इंफेंट्री डे पर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय पैदल सेना ने हमेशा राष्ट्र की सुरक्षा के लिए असाधारण साहस और बलिदान का परिचय दिया है। इंफेंट्री डे के मौके पर देशभर में विभिन्न सैन्य समारोह, परेड और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) पर जवानों ने शहीद साथियों को पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट के माध्यम से यह भी संकेत दिया कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था में इंफेंट्री की भूमिका सदैव केंद्रीय रही है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों का साहस, अनुशासन और देशभक्ति भारत के हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
इंफेंट्री डे को मनाने का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक जीत को याद करना नहीं, बल्कि सैनिकों के अविराम समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान करना भी है। भारतीय पैदल सेना को “आर्मी की रीढ़” कहा जाता है, क्योंकि यह हर परिस्थिति में — चाहे बर्फ से ढकी पहाड़ियां हों, रेगिस्तान का तपता मैदान या सीमाओं पर कठिन पोस्ट — राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कई मौकों पर सशस्त्र बलों की वीरता को सलाम कर चुके हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि वे हर सैनिक के योगदान को सम्मान दें और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करें।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इंफेंट्री डे केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि यह भारतीय सेना के अटल मनोबल, देशप्रेम और बलिदान की परंपरा का उत्सव है। भारतीय पैदल सेना ने समय-समय पर सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश के विभिन्न हिस्सों में आज स्कूली बच्चों और युवाओं ने भी सेना के पराक्रम को याद करते हुए ‘वीरता मार्च’ और देशभक्ति रैलियों का आयोजन किया। सोशल मीडिया पर #InfantryDay ट्रेंड कर रहा है और लाखों लोगों ने भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि भारतीय सेना की वीरता और सेवा भावना राष्ट्र की एकता और अखंडता की सबसे बड़ी ताकत है।