विधानसभा में हंगामे पर प्रेमलता विजयकांत का हमला बोली जनता के मुद्दों पर हो चर्चा
Tamil Nadu तमिलनाडु: डीएमडीके महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है और बहस का काफी समय विवादों और हंगामे में चला जाता है। प्रेमलता विजयकांत ने कहा कि दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चलने वाली करीब दो घंटे की विधानसभा कार्यवाही में केवल एक घंटे के आसपास ही जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो पाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाकी समय बहस, आरोप-प्रत्यारोप और व्यवधान में बर्बाद हो जाता है।
डीएमडीके नेता ने कहा कि विधानसभा का संचालन जनता के टैक्स के पैसे से होता है। इसलिए इसे व्यक्तिगत अहंकार या आपसी विवाद का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं को उठाना और उनके समाधान के लिए चर्चा करना होना चाहिए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अपील की कि सभी विधायकों को अपनी बात रखने का समान अवसर दिया जाए। प्रेमलता विजयकांत ने कहा कि हर निर्वाचित प्रतिनिधि को अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सदन में रखने का अधिकार है और इसके लिए उचित समय मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में रचनात्मक बहस से ही राज्य के विकास और आम लोगों के हितों से जुड़े फैसले लिए जा सकते हैं। उन्होंने नेताओं से अपील की कि व्यक्तिगत आरोपों और विवादों से ऊपर उठकर जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए। प्रेमलता विजयकांत ने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को समस्याओं के समाधान के लिए चुनकर भेजती है। ऐसे में सदन में होने वाली हर चर्चा का उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विधानसभा की गरिमा बनाए रखना सभी दलों और नेताओं की जिम्मेदारी है। सदन में अनुशासन और सकारात्मक माहौल रहने से लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। डीएमडीके महासचिव के इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि सदन में जनता के हितों को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष सभी विधायकों को बोलने का अवसर देंगे और कार्यवाही अधिक प्रभावी तरीके से संचालित होगी।