बोकारो। झारखंड के बोकारो जिला के चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत साबड़ा पंचायत में ग्रामीणों का आरोप है कि साबड़ा मोड़ से लेकर आसनबनी तिरंगा मोड़ तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई जा रही सड़क के निर्माण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। 2.18 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही साढ़े पांच किलोमीटर की इस सड़क के निर्माण में गुणवत्ता को ताक पर रखा जा रहा है।
चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत साबड़ा पंचायत में इन दिनों भ्रष्टाचार की सड़क बनाई जा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि साबड़ा मोड़ से लेकर आसनबनी तिरंगा मोड़ तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई जा रही सड़क के निर्माण में भारी अनियमितता बरती जा रही है. 2.18 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही साढ़े पांच किलोमीटर की इस सड़क के निर्माण में गुणवत्ता को ताक पर रखा जा रहा है. पिचिंग के कार्य में सामग्रियों को जिस अनुपात में दिया जाना चाहिए था, वह नहीं दिया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में अत्यधिक डस्ट का उपयोग किया गया है। केमिकल कम मात्रा में दिया गया है. गरम पिच नहीं दी गई और मोटाई में भी काफी कमी बरती गई है. यही कारण है कि सड़क बनने के साथ-साथ उखड़ने भी लगी है।

ग्रामीण मनोज कुमार शर्मा, दिलीप शर्मा, अजीत शर्मा, मनबोध रजवार, गौतम शर्मा, भीम रजवार आदि ने जिले के डीसी को पत्र लिखकर सड़क की गुणवत्ता की जांच की मांग की है. ग्रामीणों ने बताया कि आसपास की लगभग 50 गांव के लोगों की आवाजाही इस सड़क से जुड़ी है. इलेक्ट्रोस्टील जाने वाले सभी कर्मी इसी रास्ते से होकर आते-जाते हैं. ग्रामीणों के दावे के उलट आरईओ विभाग के अधीक्षण अभियंता श्रवण कुमार ने ग्रामीणों पर ही सड़क को उखाड़ने का आरोप लगाया है. श्रवण कुमार का दावा है कि सड़क सही स्थिति में है. ग्रामीणों ने जान बूझकर उखाड़ दी है. सड़क की परत स्वतः ही उखड़ी हुआ नहीं लग रही है. अनियमितता की शिकायत पर शनिवार को मामले की जांच करने अधीक्षण अभियंता पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता बरती जा रही है. मोटाई भी सही है, परंतु कहीं-कहीं कमियां जरूर पाई गई हैं. इसके लिए संवेदक को सुधार करने का निर्देश दे दिया गया है.

बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत साबड़ा पंचायत में इन दिनों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क मरम्मत का काम चल रहा है. साबड़ा मोड़ से लेकर आसनबनी तिरंगा मोड़ तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई जा रही सड़क के निर्माण का ग्रामीणों ने विरोध किया है. 2 करोड़ 18 लाख रुपए की लागत से साढ़े पांच किलोमीटर तक सड़क बनाई जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि आसपास की लगभग 25 हजार गांव के लोगों की आवाजाही इससे जुड़ी है. इलेक्ट्रो स्टील जाने वाले सभी कर्मी इसी रास्ते से होकर आते-जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में डस्ट का उपयोग किया गया है.
केमिकल कम मात्रा में दिया जा रहा है. साबड़ा के ग्रामीणों ने जहां सड़क-निर्माण में धांधली का आरोप लगाया है, वहीं आरईओ विभाग के कार्यपालक अभियंता श्रवण कुमार का दावा है कि सड़क सही स्थिति में है. ग्रामीणों ने जान बूझकर उखाड़ दी. अनियमितता की शिकायत पर शनिवार को मामले की जांच में पहुंचे अधीक्षण अभियंता श्रवण कुमार ने मीडियाकर्मियों के सवाल के जवाब में उक्त बातें कही. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर मामले की जांच करने वे पहुंचे. उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है. मोटाई भी सही है, परंतु कहीं-कहीं कमियां जरूर पाई गई हैं. इसके लिए संवेदक को सुधार करने का निर्देश दे दिया गया है. उन्होंने कहा कि सड़क अच्छी स्थिति में है.
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