New Delhi. नई दिल्ली। चुनाव प्रचार के दौरान, पूरे भारत में लोगों ने मेरे प्रति स्नेह के प्रतीक के रूप में अपने सोशल मीडिया पर 'मोदी का परिवार' जोड़ा। इससे मुझे बहुत ताकत मिली। भारत के लोगों ने एनडीए को लगातार तीसरी बार बहुमत दिया है, जो एक तरह का रिकॉर्ड है, और हमें अपने देश की बेहतरी के लिए काम करते रहने का जनादेश दिया है। हम सभी एक परिवार हैं, यह संदेश प्रभावी ढंग से पहुँचाए जाने के बाद, मैं एक बार फिर भारत के लोगों को धन्यवाद देना चाहूँगा और अनुरोध करूंगा कि अब आप अपने सोशल मीडिया प्रॉपर्टी से 'मोदी का परिवार' हटा दें। डिस्प्ले नाम बदल सकता है, लेकिन भारत की प्रगति के लिए प्रयास करने वाले एक परिवार के रूप में हमारा बंधन मजबूत और अटूट है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहन माझी को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के 24 सालों का रिकॉर्ड तोड़ने वाले भाजपा के विधायक दल के नेता मोहन माझी को मुख्यमंत्री बनने की बधाई दी है और 12 जून को मोहन माझी के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते है। 

पीएम बनने के बाद इटली में करेंगे पहला दौरा
भारत में लोकसभा चुनाव 2024 के बाद नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बन चुके हैं। पीएम पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी की पहली यात्रा का अपडेट भी सामने आ गया है। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी अपने नए कार्यकाल में पहली विदेश यात्रा में इटली जा रहे हैं। आपको बता दें कि कुछ ही समय पहले इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को इस साल हो रहे G7 सम्मेलन में भाग लेने का न्योता दिया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
की इटली यात्रा का शेड्यूल सामने आ गया है। जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी 13 जून को इटली की यात्रा पर जाएंगे। वह G7 में विशेष आमंत्रित सदस्य देश के तौर पर शामिल होने वाले हैं। सम्मेलन के समाप्त होने के बाद पीएम मोदी 15 जून को वापस भारत आ जाएंगे।
दरअसल, G7 दुनिया की 7 सबसे विकसित देशों का समूह है जिसमें अमरीका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन शामिल हैं। इसे ग्रुप और 7 भी कहा जाता है। इस समूह की पहली बैठक साल 1975 में 6 देशों के साथ हुई थी। इसके अगले साल कनाडा भी इसमें जुड़ गया। G7 सम्मेलि में वैश्विक आर्थिक संकट, स्वतंत्रता और मानवाधिकार, लोकतंत्र, सतत विकास, कानून के शासन आदि के मुद्दों पर चर्चा की जाती है। हर साल समूह के अलग-अलग सदस्य देश इस बैठक की अध्यक्षता करता है। अध्यक्ष देश विशेष अतिथि के रूप में किसी अन्य देश को आमंत्रित करता है।
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