चपरासी ने Doctor बनकर कमाए लाखों, खुली पोल

गर्भवती महिला

Update: 2025-10-19 16:37 GMT
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश। मुरैना जिले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक चपरासी को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को डॉक्टर बताकर अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण और गैरकानूनी कमाई कर रहा था। आरोपी संजू शर्मा (30) असल में शिक्षा विभाग में चपरासी था, लेकिन फर्जी डॉक्टर बनकर लाखों रुपये कमा रहा था। जिला कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में मुख्य चिकित्सा-स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पद्मेश उपाध्याय ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन का इस्तेमाल करके घर-घर जाकर लिंग परीक्षण कर रहा है। इसके बाद ग्वालियर-मुरैना की संयुक्त टीम ने सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा के सहयोग से जाल बिछाया।

टीम ने एक डमी गर्भवती महिला और महिला पुलिसकर्मी के माध्यम से आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त की गई। पुलिस ने संजू शर्मा के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में पता चला कि संजू शर्मा पहले जिला शिक्षा विभाग के बिलगांव मिडिल स्कूल में चपरासी के पद पर तैनात था और नवंबर 2024 में अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया था। डॉक्टर प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी कई महीनों से निगरानी में था। छह महीने पहले जयपुर में बरामद पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन की जानकारी मिली, जो आरोपी के लिए लाई गई थी।

सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा के अनुसार, आरोपी और उसके साथी दो से चार हजार रुपये लेकर घर-घर जाकर लिंग परीक्षण करते थे। यदि भ्रूण लड़की होता था, तो गर्भपात कराने के लिए भारी रकम वसूलते थे। उनका नेटवर्क उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली तक फैला हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि मुरैना ऐसे जिलों में शामिल है, जहां लिंगानुपात सबसे कम है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां प्रति हजार पुरुषों पर केवल 840 महिलाएं थीं, लेकिन अब अनुपात बढ़कर 922 तक पहुंच गया है। यह कार्रवाई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है ताकि भ्रूण लिंग जांच और लिंग आधारित भ्रूण हत्या जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। इस मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने लगातार निगरानी और जांच जारी रखने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे या गर्भवती महिला के साथ अत्याचार नहीं हो सके।
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