Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के उरला थाना अंतर्गत स्थित एक गोदाम में हुई लैपटॉप और मोबाइल फोन चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी और विधि के साथ संघर्षरत एक बालक को गिरफ्तार किया है। संयुक्त कार्रवाई में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा उरला थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया लैपटॉप भी बरामद कर लिया है, जबकि मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है। पुलिस के अनुसार प्रार्थी श्रीयांश सेठिया ने उरला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
10 जुलाई 2026 की रात वह उरला क्षेत्र के गुमा स्थित अपने गोदाम में टेबल पर लैपटॉप और मोबाइल फोन रखकर घर चला गया था। अगले दिन सुबह जब वह गोदाम पहुंचा तो दोनों सामान गायब मिले। जांच में पता चला कि अज्ञात चोर गोदाम में प्रवेश कर लैपटॉप और मोबाइल चोरी कर फरार हो गए थे। शिकायत के आधार पर थाना उरला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(3) और 305 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और उरला थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया तथा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। पुलिस ने हाल ही में जेल से रिहा हुए चोरी के आरोपियों की भी जानकारी जुटाई और उनकी गतिविधियों की निगरानी की।
जांच के दौरान पुलिस को बीरगांव निवासी परमेश्वर उर्फ परमेश कुमार मरकाम के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर गोदाम में चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने एक विधि के साथ संघर्षरत बालक को भी पकड़ लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से लगभग 20 हजार रुपये मूल्य का चोरी किया गया लैपटॉप बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद आरोपी और बालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विधि के साथ संघर्षरत बालक के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की गई।
विवेचना में यह भी सामने आया कि वारदात में शामिल तीनों आरोपी पहले भी उरला थाना क्षेत्र में चोरी के मामलों में निरुद्ध रह चुके हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह चोरी की वारदातों को अंजाम देने में सक्रिय रहा है। फिलहाल तीसरे फरार आरोपी की तलाश जारी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले के खुलासे में तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चोरी की संपत्ति शीघ्र बरामद होने से पीड़ित को राहत मिली है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गोदाम, दुकान या घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों को हमेशा सक्रिय रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।