पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी की तलवार लटकी

Update: 2026-04-17 07:14 GMT

नई दिल्ली: कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर रोक वाले फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। वह शुक्रवार को फिर से अदालत पहुंचे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अर्जी ही सुनने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने पहले ही तेलंगाना हाई कोर्ट के अग्रिम जमानत वाले फैसले पर रोक लगा दी थी। तब से पवन खेड़ा पर असम पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इसी पर रोक की उम्मीद लेकर वह फिर से कोर्ट गए थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें असम की किसी अदालत का रुख करने की सलाह दी है। बेंच ने कहा कि आपकी अर्जी और मामले का अधिकार क्षेत्र असम की अदालत के पास है। इसलिए आपको वहीं पर अर्जी डालनी चाहिए।

पवन खेड़ा की मांग थी कि उन्हें मंगलवार तक के लिए अग्रिम जमानत दी जाए। ऐसा इसलिए ताकि वह सोमवार को गुवाहाटी हाई कोर्ट में अर्जी डाल सकें। उन्हें तेलंगाना हाई कोर्ट से एक सप्ताह के लिए बेल मिली थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि HC के पास यह अधिकार ही नहीं था कि वह असम के मामले में तेलंगाना से आदेश जारी करे। इस पर पवन खेड़ा की ओर से जो आधार कार्ड पेश किया गया था, उसमें तेलंगाना का पता था। लेकिन यह पता उनकी पत्नी के घर का था, जबकि वह खुद दिल्ली में रहते हैं। इस पर अदालत ने कहा कि इस तरह गलत आधार कार्ड के आधार पर कैसे बेल ली जा सकती है।
बेंच ने कहा था कि असम में दर्ज किसी मामले में असम की अदालत में ही सुनवाई हो सकती है।



 


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