नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गोंडा से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जुड़ा एक पुराना विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कंपनी का कहना है कि पूर्व सांसद की ओर से उसके घी की गुणवत्ता को लेकर की गई सार्वजनिक टिप्पणी से कारोबार और कंपनी की छवि को नुकसान हुआ।
यह मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कंपनी की तरफ से पेश वकील विक्रम मालवीय ने बृजभूषण शरण सिंह के बयान को कंपनी के लिए नुकसानदायक बताया। उनका कहना है कि टिप्पणी का असर ब्रांड की छवि के साथ-साथ शेयर के मूल्य पर भी पड़ा और कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
2022 के बयान से शुरू हुआ विवाद
मामला वर्ष 2022 की एक सार्वजनिक टिप्पणी से जुड़ा है। उस समय बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाया था। उन्होंने लोगों से घर में गाय या भैंस पालने की बात भी कही थी।
इस बयान के बाद बृजभूषण सिंह और पतंजलि के प्रमुख बाबा रामदेव के बीच सार्वजनिक तौर पर मतभेद सामने आए थे। अब कई साल बाद उसी बयान को लेकर कंपनी ने कानूनी रास्ता अपनाया है।
पतंजलि फूड्स का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी का सीधा असर उसके व्यापारिक हितों पर पड़ा। कंपनी ने इसी आधार पर 50 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग अदालत में रखी है।
मामला इंदौर से हाई कोर्ट तक पहुंचा
पतंजलि फूड्स की वेबसाइट पर कंपनी का पता इंदौर के विजय नगर का दर्ज है। इसी वजह से मानहानि का मुकदमा इंदौर में दाखिल किया गया था। शुरुआती सुनवाई जिला अदालत में हुई थी।
मामले की ट्रायल प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह विवाद हाई कोर्ट तक पहुंचा। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह को नोटिस जारी किए गए हैं। अब इस केस में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होनी है।
अदालत में आगे की कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें और मामले से जुड़े दस्तावेज देखे जाएंगे। फिलहाल 50 करोड़ रुपये के दावे पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
पतंजलि पर भी सामने आया था घी का मामला
इस विवाद के बीच पतंजलि के घी से जुड़ा एक अलग मामला भी सामने आया था। वर्ष 2025 में उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने घी के एक नमूने की जांच की थी।
विभाग की जांच में घी निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने की बात सामने आई। इसके बाद कंपनी के एक दूसरे सैंपल की भी जांच हुई और उसके भी मानक पूरे नहीं होने की जानकारी दी गई। मामला आगे अदालत तक पहुंचा, जहां पतंजलि पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। यह मामला बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चल रहे मानहानि केस से अलग है।
अब बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े मानहानि मामले में 18 सितंबर की सुनवाई अहम होगी। अदालत में कंपनी की ओर से किए गए 50 करोड़ रुपये के दावे और पूर्व सांसद के बयान से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया होगी।
Tags: