केमिकल वाली चाय पत्ती पैकिंग की हुई मिली, फैक्ट्री संचालक शकील गिरफ्तार, 800 किलो माल पकड़ा
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बाराबंकी: आजकल हर खाने-पीने की चीज में मिलावट हो रही है, ऐसे में समझ नहीं आता क्या खाना सुरक्षित है। भारत में सबसे ज्यादा चाय पी जाती है। सुबह उठकर सबसे पहली चीज चाय ही होती है, इसके बाद दिन की शुरुआत होती है। अब अगर आप से कहा जाए कि आप जो चाय पी रहे हैं, वह भी केमिकल कलर वाली है तो क्या करेंगे? शनिवार को बाराबंकी में एसटीएफ व खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की, जिसमें करीब 800 किलो लाल केमिकल से रंगी हुई चायपत्ती व पांच किलो रंग और 15 किलो पैकिंग मैटेरियल बरामद किया गया है। जब जांच टीम ने चाय पत्ती को हाथ में लेकर पानी डाला तो लाल रंग का कलर उसमें से छूटने लगा। लाल केमिकल कलर वाली चाय पीने से लिवर-किडनी डैमेज हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप जो चीज खा या पी रहे हैं, उसकी जांच पहले करें। आजकल पैकेट में बंद चीजें भी खराब क्वालिटी, नकली या केमिकल युक्त हो सकती हैं। तो चलिए बताते हैं नकली-असली चाय की पहचान कैसे कर सकते हैं।
असली-नकली चाय की पहचान करने के 3 तरीके
चाय बनाते समय ज्यादातर लोग सबसे पहले पानी में चायपत्ती डालते हैं। कई बार चाय का रंग बहुत जल्दी गहरा हो जाता है, जिसे हम अच्छी गुणवत्ता की निशानी मान लेते हैं। लेकिन हर बार ऐसा होना सही नहीं होता। अगर चाय नकली या मिलावटी है, तो उसका रंग असामान्य रूप से तेजी से पानी में घुल सकता है, जो चिंता की बात हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप नकली चाय की पहचान करना जानें। आइए जानते हैं नकली चाय पहचानने के आसान तरीके।
1- टिश्यू पेपर से करें टेस्ट
गीला वाला टिश्यू पेपर लें और इस पर चाय की पत्ती रख दें। अब इसे हाथ में लेकर रगड़ें, अगर इसमें लाल-भूरे रंग के धब्बे छूट जाए तो समझ लीजिए कि आपकी चाय में कलर मिलाए गए हैं। अगर रगड़ने पर कोई रंग नहीं निकल रहा है, तो आपकी चाय पत्ती असली है।
2- नींबू वाला नुस्खा
एक कांच के बाउल में नींबू का रस निचोड़ लीजिए। अब इस रस में चाय की पत्ती को डालकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें। अगर चाय पत्ती असली हुई तो नींबू का रस पीला या हरा हो जाएगा। नकली होने पर लाल या नारंगी कलर दिखने लगेगा। अगर ये रंग दिख जाए तो समझ लीजिएगा कि आप नकली चायपत्ती पी रहे हैं।
3- गर्म पानी से करें जांच
1 गिलास गर्म पानी लें और उसमें चाय पत्ती को डाल दीजिए। अगर एकदम से पत्ती का रंग लाल दिखने लगे तो ये नकली है। असली चाय पत्ती धीरे-धीरे कलर छोड़ती है और फिर उसका रंग काला दिखने लगता है। नकली चाय पत्ती बारीक भूसे की तरह दिखेगी।
पढ़ें पूरा खुलासा
उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ), खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की एक साझा टीम ने बाराबंकी जिले के थाना बड्डूपुर क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में एक घर से बिना लाइसेंस चल रही अवैध चाय पत्ती बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। एफएसडीए के अनुसार, टीम ने करीब 800 किलो रंगी हुई नकली चाय पत्ती, पांच किलो केमिकल युक्त रंग और 15 किलो चाय पत्ती की पैकिंग बरामद की है।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पकड़ी गई इस फैक्ट्री में सूचना पर टीम पहुंची तो फैक्ट्री में रंगीन चाय पत्ती को 'फास्ट टी' और 'गार्डेन फ्रेश' ब्रांड के नाम से पैक किया जा रहा था। मौके पर पकड़े गए फैक्ट्री मालिक शकील ने स्वीकार किया कि वह एक वर्ष से अधिक समय से यह कारोबार कर रहा था। चाय की पत्तियों और बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले रंगों के सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। लगभग 1.6 लाख रुपये की चाय का स्टॉक सील कर दिया गया है। साथ ही पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वजन करने वाली मशीन और सीलिंग मशीन भी ज़ब्त की गई है।
शकील करीब एक साल से अधिक समय से अवैध रूप से फैक्टरी संचालित कर रहा था। आसपास के जिलों में माल आने और मिलावटी चाय पत्ती बेचने के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, सहायक खाद्य आयुक्त
सहायक खाद्य आयुक्त डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अपने आवास पर बिना लाइसेंस के चाय पत्ती की फैक्ट्री संचालित करने के आरोपी शकील के खिलाफ बड्डूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार, सलिल कुमार सिंह, डॉ. अंकिता यादव और पुलिस उप निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, चेतन सिंह, कृष्ण, शैलेंद्, रमाशंकर चौधरी और सुनील मिश्रा शामिल थे।