Delhi दिल्ली: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) अब देश के सभी मेडिकल कॉलेजों की मान्यता और रेटिंग एक स्वतंत्र थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से कराएगा। इस उद्देश्य से आयोग की मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने 11 मानदंडों और 78 मापदंडों पर आधारित एक ड्राफ्ट ढांचा जारी किया है, जिस पर आम जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।

यह पहल मेडिकल संस्थानों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे पहले 2023 में NMC ने क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के साथ मिलकर एक मसौदा तैयार किया था, जिसमें अब संशोधन किए गए हैं। पुराने ड्राफ्ट में शामिल कुछ मापदंड जैसे इंटर्न व रेजिडेंट डॉक्टरों की स्टाइपेंड और स्थायी फैकल्टी का अनुपात अब हटाए गए हैं।

नए ड्राफ्ट में शोध गुणवत्ता को आंकने के लिए प्रकाशित शोध पत्र, उद्धरण, पेटेंट, और शोध परियोजनाओं को प्रमुख आधार बनाया गया है। यह पहली बार होगा जब मेडिकल कॉलेजों को एक निर्धारित ढांचे के आधार पर रेट किया जाएगा


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